ऑपरेशन विश्वास के तहत कार्रवाई, कार के चारों दरवाजों से 14.5 किलो गांजा बरामद; दो तस्कर गिरफ्तार
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन विश्वास” के तहत दुर्ग पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बेहद शातिर और हाईटेक तरीके का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने क्रेटा कार के चारों दरवाजों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चेंबरों से 14.5 किलो गांजा बरामद किया है। तस्करों ने गांजे को दरवाजों के भीतर छिपाकर ऊपर से फाइबर शीट चिपका दी थी, जिससे इसकी पहचान करना आसान नहीं था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से वाहन, नगदी और मोबाइल फोन समेत करीब 17.77 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए गांजा तस्करी के एक अनोखे और सुनियोजित नेटवर्क का खुलासा किया है। “ऑपरेशन विश्वास” के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक क्रेटा कार को रोककर उसकी बारीकी से जांच की। जांच के दौरान पता चला कि वाहन के चारों दरवाजों में विशेष गुप्त चेंबर तैयार किए गए थे, जिनमें गांजा छिपाकर रखा गया था।
तस्करों ने दरवाजों के अंदर गांजा रखने के बाद उस पर फाइबर शीट चिपका दी थी, जिससे बाहरी तौर पर वाहन पूरी तरह सामान्य दिखाई दे रहा था। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते यह तस्करी का तरीका ज्यादा देर तक छिप नहीं सका। तलाशी के दौरान कुल 14.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
मामले में पुलिस ने उड़ीसा के नुआपाड़ा जिले के अचलपुर निवासी तीरथा ठेला (36 वर्ष) तथा दुर्ग जिले के कुम्हारी निवासी किशन जगत (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा क्रेटा वाहन क्रमांक सीजी 04 एचएक्स 6908, 22 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 17 लाख 77 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।