मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, नवरात्रि शक्ति उपासना के साथ नारी सम्मान और सशक्तीकरण का पर्व, गुजराती समाज की सहभागिता को सराहा
रायपुर। शारदीय नवरात्रि के उल्लास के बीच मुख्यमंत्री निवास में गरबा महोत्सव का आयोजन हुआ। मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक वेशभूषा और गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में आयोजित इस उत्सव में गुजराती समाज के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भक्ति गीतों की धुन पर गरबा करते प्रतिभागियों ने उत्सव में सांस्कृतिक रंग घोल दिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। उन्होंने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक होने के साथ नारी के सम्मान और सामर्थ्य को पहचानने का अवसर भी है। भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। ऐसे पर्व समाज को महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा केवल नृत्य या उत्सव नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति आस्था और हमारी सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति है। गुजरात से जुड़ी गरबा की परंपरा आज देश के विभिन्न हिस्सों में लोकप्रिय हो चुकी है। ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों को करीब लाने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का काम करते हैं।
पर्व-त्योहार सामाजिक एकता के वाहक
साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में पर्व और त्योहारों का विशेष स्थान है। ये आयोजन लोगों को आपस में जोड़ने, परिवारों में आत्मीयता बढ़ाने और समाज में प्रेम तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करने का माध्यम हैं। इनके जरिए नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ती है। छत्तीसगढ़ में गरबा के प्रति बढ़ता उत्साह इस बात का प्रमाण है कि लोग अपनी सांस्कृतिक विविधता को पूरे उमंग के साथ अपना रहे हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे उन्हें घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में सहयोग मिलता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उनकी मेहनत, उद्यमशीलता और आत्मविश्वास का उदाहरण है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को योजनाओं का लाभ देने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर प्रदेश के विकास में नेतृत्वकारी भूमिका के लिए सक्षम बनाना है।
देवी धाम छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती माता कौशल्या से जुड़ी पावन भूमि है, जहां शक्ति उपासना की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। बस्तर की मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी जैसे प्रसिद्ध देवी धाम प्रदेश की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्रि में इन स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और पूरा प्रदेश भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के साथ अपनी विरासत को सहेजने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार भी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा प्रमुख देवी स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गुजराती समाज का प्रदेश की प्रगति में योगदान
साय ने गुजराती समाज की सराहना करते हुए कहा कि इस समाज ने परिश्रम, उद्यमशीलता, सेवा और सामाजिक एकजुटता के माध्यम से देश के विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ में भी व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में गुजराती समाज का योगदान महत्वपूर्ण है। समाज ने प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बनाकर यहां की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि सकारात्मकता, शक्ति और सामूहिकता का संदेश देती है। मां दुर्गा के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि आए, यही कामना है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित विभिन्न आयोगों और मंडलों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद रहे। सर्व गुजराती समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतेश गांधी, पूर्व विधायक एवं एनआर गुजराती एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष देवजी पटेल, गुजराती स्कूल के अध्यक्ष जयंती पटेल सहित समाज के कई पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए।