अमृतसर से पिस्टल-कारतूस लेकर ट्रेन से मुंबई पहुंचीं महिलाएं; पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद शूटरों को बाहर निकालने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी
मुंबई (ए)। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में पुलिस हथियारों की खरीद, परिवहन और आरोपियों को पनाह देने से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है। मुंबई पुलिस का दावा है कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और 20 कारतूस अमृतसर से लाए गए थे। हरियाणा के दो युवकों ने हथियार जुटाए, जबकि उत्तर प्रदेश की दो महिलाओं ने उन्हें ट्रेन से मुंबई पहुंचाया। इस मामले में कोटा से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में चार अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है।
कथित गैंग नेटवर्क के निर्देश पर जुटाए हथियार
जांच के मुताबिक, सोनीपत के कुणाल और सुमित ने लॉरेंस गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित के निर्देश पर हथियारों का इंतजाम किया था। पुलिस को संदेह है कि अनिल विदेश में रहकर अपने नेटवर्क के सदस्यों को निर्देश दे रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, कुणाल जेल से बाहर आने के बाद उसके संपर्क में आया था और दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत करते थे।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार किस स्रोत से मिले, उन्हें अमृतसर में किसने रखा और इस पूरी व्यवस्था को संचालित करने वाले लोग कौन थे।
बिना सीधे संपर्क के पहुंचाए गए हथियार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृतसर में एक तय स्थान पर पिस्टल और 20 कारतूस रखे गए थे। कुणाल और सुमित वहां से इन्हें लेकर आए। इस व्यवस्था को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है, जिसमें सामान पहले से तय जगह पर छोड़ दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति उसे उठा लेता है।
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस काम के लिए 70 से 80 हजार रुपए दिए गए थे। महिलाओं को मुंबई तक हथियार पहुंचाने के लिए इसमें से कुछ रकम दी गई थी। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस वित्तीय लेनदेन और आरोपियों के बीच संपर्कों की जांच कर रही है।
दो महिलाओं के जरिए मुंबई पहुंची पिस्टल
पुलिस के अनुसार, कुणाल ने राधा और बबीता को हथियार ले जाने के लिए तैयार किया था। दोनों सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। 15 अक्टूबर को वे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुईं। आरोप है कि पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी।
17 अक्टूबर को मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचने के बाद दोनों एक होटल में ठहरीं। पुलिस का कहना है कि उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया। जांचकर्ताओं को आशंका है कि बैग में मौजूद पिस्टल का इस्तेमाल 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में किया गया था।
हालांकि, बैग लेने वाले लड़के की पहचान और मामले में गिरफ्तार नाबालिग की भूमिका को लेकर जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
गोलीबारी के बाद शूटरों को निकालने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को शाम करीब सात बजे अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को चोट आई। जांचकर्ताओं का दावा है कि फायरिंग के बाद अनिल पंडित ने कुणाल से संपर्क कर शूटरों को मुंबई से बाहर निकालने की व्यवस्था करने को कहा।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि आरोपियों की आवाजाही और महिलाओं की हरिद्वार की ओर जाने वाली ट्रेन में यात्रा का घटना से क्या संबंध था। जांच में कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल संपर्क और अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कोटा और दिल्ली से गिरफ्तारियां
मामले में पहले राजस्थान के कोटा से ऋतिक कुमार, रेहान और फूल सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बाद में दिल्ली में कुणाल, सुमित और दो महिलाओं सहित चार आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई। पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर हथियारों की सप्लाई से लेकर फायरिंग की साजिश तक की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
रेहान की मां शमशीदा ने दावा किया है कि कथित मास्टरमाइंड हरियाणा में छिपा हुआ है। पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।