ऑटो, बैंकिंग और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली; एशियाई और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक भारी नुकसान के साथ कारोबार करते नजर आए।
मुंबई (ए)। सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रही। सोमवार, 30 मार्च को बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स करीब 1,000 अंक टूटकर 72,500 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी लगभग 350 अंकों की गिरावट के साथ 22,500 के आसपास कारोबार करता दिखा।
बाजार में यह गिरावट व्यापक रही, जिसमें ऑटोमोबाइल, मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई। निवेशकों ने वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते सतर्क रुख अपनाया।
एशियाई बाजारों में भी आज कमजोरी का माहौल रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स 3.60% तक लुढ़क गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 2.60% गिरा। हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स लगभग स्थिर रहा।
इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स करीब 793 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और S&P 500 में भी 2% तक की कमजोरी देखने को मिली। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने के चलते तेल की कीमतों में यह उछाल आया है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले शुक्रवार को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1,690 अंक टूटकर 73,583 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 486 अंक गिरकर 22,820 के स्तर पर आ गया था।