सेना ने हेलिकॉप्टर से की पुष्पवर्षा, सीएम धामी ने पीएम मोदी के नाम से कराई पहली पूजा; मंदिर परिसर में मोबाइल पर सख्त प्रतिबंध
आस्था और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। करीब 181 दिनों के अंतराल के बाद खुले कपाटों के साथ ही चारधाम यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। इस अवसर पर धार्मिक परंपराओं के साथ भव्य आयोजन हुआ, जिसमें सेना की ओर से पुष्पवर्षा ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया।
रुद्रप्रयाग (ए)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित पवित्र केदारनाथ धाम में बुधवार सुबह ठीक 8 बजे कपाट खुलने की परंपरागत प्रक्रिया पूरी की गई। सबसे पहले मंदिर के पूर्व द्वार को खोला गया, जिसके बाद मुख्य पुजारी, रावल और हक-हकूकधारियों ने गर्भगृह में प्रवेश कर विशेष पूजा-अर्चना शुरू की। कपाट खुलने के साथ ही पिछले वर्ष बंद होने के दौरान ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाई गई भस्म को हटाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसे बड़ी श्रद्धा के साथ निभाया जाता है।
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं धाम पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा संपन्न कराई। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच पूजा पूरी होने के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए।
पुष्पवर्षा से गूंजा धाम
कपाट खुलने के दौरान भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर द्वारा मंदिर परिसर में फूल बरसाए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
मोबाइल और फोटोग्राफी पर सख्ती
इस वर्ष यात्रा के दौरान नियमों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर समिति के अनुसार, मुख्य मंदिर परिसर से 50 से 60 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा फोटोग्राफी और वीडियो बनाने के लिए अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। मंदिर परिसर में रील बनाना, फोटो खींचना और वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।