दो सिस्टम एक्टिव होने से बदला मौसम, रायगढ़-गरियाबंद में गिरे ओले; कई इलाकों में बिछी बर्फ जैसी सफेद चादर
भीषण गर्मी से झुलस रहे छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय दो मौसम प्रणालियों के असर से अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है। रायगढ़ और गरियाबंद में गुरुवार को ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी के बीच अब राहत भरे मौसम की शुरुआत हो गई है। प्रदेश में दो मौसम सिस्टम सक्रिय होने के कारण अगले पांच दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। मौसम विभाग ने सभी संभागों में गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई है।
विभाग के अनुसार कई इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके असर से अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
रायगढ़-गरियाबंद में ओलों की बरसात
गुरुवार को रायगढ़ और गरियाबंद जिले के कई क्षेत्रों में अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। गरियाबंद जिले के इंदागांव, उदंती और जुगाड़ इलाके में ओले इतनी मात्रा में गिरे कि सड़कें और खेत सफेद नजर आने लगे।
नेशनल हाईवे 130C पर भी बर्फ जैसी सफेद परत बिछ गई, जिससे कुछ देर के लिए लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों जैसा नजारा देखने मिला।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में मामूली राहत महसूस की गई, हालांकि उमस और गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
दुर्ग सबसे गर्म, जगदलपुर सबसे ठंडा
प्रदेश में गुरुवार को दुर्ग सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
किसानों और आमजन को राहत
बारिश और तापमान में गिरावट से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों के लिए भी यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है, हालांकि तेज हवा और ओलावृष्टि से कुछ फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।