42 विद्यार्थियों ने बनाई मेरिट लिस्ट में जगह, 27 लड़कियां शामिल; नंबर-1 से नंबर-10 तक सिर्फ 1.5% अंकों का अंतर
छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं परीक्षा परिणाम में इस बार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। टॉप-10 मेरिट सूची में शामिल 42 छात्रों में 34 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से हैं। मेरिट में लड़कियों का दबदबा रहा, जबकि रायपुर और महासमुंद जिलों ने सबसे ज्यादा टॉपर दिए। खास बात यह रही कि पहले से दसवें स्थान तक केवल 1.5 प्रतिशत अंकों का ही अंतर रहा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं बोर्ड परिणाम में इस बार सरकारी स्कूलों ने अपनी गुणवत्ता साबित कर दी है। टॉप-10 मेरिट सूची में कुल 42 विद्यार्थियों ने स्थान बनाया, जिनमें से 34 छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूलों से हैं। यानी 81 प्रतिशत से अधिक टॉपर सरकारी संस्थानों से आए हैं। मेरिट सूची में लड़कियों का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा। कुल 42 टॉपर्स में 27 छात्राएं शामिल हैं। इसका मतलब हर 10 टॉपर्स में लगभग 6 से 7 बेटियां हैं।
13 जिलों के विद्यार्थियों ने बनाई जगह
इस बार मेरिट सूची में 13 जिलों के विद्यार्थियों ने स्थान हासिल किया। रायपुर 10 टॉपर्स के साथ सबसे आगे रहा, जबकि महासमुंद ने 8 विद्यार्थियों को मेरिट में पहुंचाया। बिलासपुर से 5, दुर्ग से 4 और मुंगेली से 3 छात्र-छात्राएं सूची में शामिल हुए। रायगढ़, जशपुर और कोरिया से 2-2 विद्यार्थियों ने टॉप-10 में जगह बनाई। इससे साफ है कि छोटे जिलों के विद्यार्थियों ने भी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
महासमुंद की बेटियों का कमाल
महासमुंद जिले से आए सभी 8 टॉपर छात्राएं हैं। यही नहीं, टॉप-2 स्थानों पर महासमुंद के 4 विद्यार्थियों ने कब्जा जमाया। जिले की बेटियों ने पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
रायपुर सबसे आगे
राजधानी रायपुर से सबसे ज्यादा 10 टॉपर्स निकले हैं। इनमें 6 लड़के और 4 लड़कियां शामिल हैं। रायपुर के विद्यार्थी लगभग हर रैंक में मौजूद रहे, जबकि 9वीं और 10वीं रैंक में सबसे ज्यादा 5 छात्र शामिल हैं।
बिलासपुर की बेटियां चमकीं
बिलासपुर जिले से 5 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में जगह बनाई और सभी छात्राएं हैं। जिले ने खासतौर पर 7वीं से 10वीं रैंक तक मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
दुर्ग और मुंगेली का दमदार प्रदर्शन
दुर्ग जिले से 4 विद्यार्थियों ने टॉप-10 में स्थान बनाया, जिनमें 2 लड़के और 2 लड़कियां शामिल हैं। वहीं मुंगेली से 3 टॉपर सामने आए, जिनमें 2 छात्राएं हैं। मुंगेली के दो विद्यार्थी टॉप-2 रैंक में शामिल रहे।
महज डेढ़ फीसदी में सिमटी मेरिट
इस बार पहली से दसवीं रैंक तक का अंतर सिर्फ 1.5 प्रतिशत अंकों का रहा। यानी केवल 1-2 नंबर के फर्क से विद्यार्थियों की रैंक बदली। इससे प्रतियोगिता का स्तर बेहद कड़ा नजर आया।