9 मई से शुरू होगा नेशनल लोक अदालत अभियान
आम लोगों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट द्वारा “समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 09 मई को नेशनल लोक अदालत से होगी। खास बात यह है कि इस बार पक्षकार शारीरिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी जुड़ सकेंगे, जिससे लंबित मामलों के आपसी सहमति से निपटारे की प्रक्रिया और अधिक सरल तथा प्रभावी होगी।
रायपुर। लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण के उद्देश्य से भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ओर से “समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल आम नागरिकों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के साथ-साथ आपसी सहमति से विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस विशेष अभियान की शुरुआत 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत से होगी। इसके बाद अगस्त माह में सुप्रीम कोर्ट परिसर में तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
अगस्त में होगा विशेष आयोजन
सुप्रीम कोर्ट परिसर में विशेष लोक अदालत का आयोजन 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को किया जाएगा। वहीं, मामलों के प्रारंभिक समाधान और आपसी सहमति की प्रक्रिया को गति देने के लिए प्री-लिटिगेशन सुलह वार्ता 21 अप्रैल 2026 से ही शुरू कर दी गई है। विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और पक्षकारों को शीघ्र न्याय दिलाना है।
घर बैठे जुड़ने की सुविधा
इस बार की लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पक्षकार केवल न्यायालय परिसर में उपस्थित होकर ही नहीं, बल्कि वर्चुअल माध्यम से भी प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी। प्रशिक्षित मध्यस्थों और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों की सहायता से दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनाकर विवादों का समाधान कराया जाएगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
31 मई तक कर सकेंगे आवेदन
अपने लंबित मामलों को इस विशेष लोक अदालत में शामिल करने के इच्छुक पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म के माध्यम से पंजीयन कराना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि पुराने विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सके।
सहायता के लिए जारी किए गए संपर्क नंबर
किसी भी प्रकार की जानकारी, तकनीकी सहायता अथवा प्रक्रिया संबंधी मार्गदर्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के वन स्टॉप सेंटर एवं वॉर रूम में संपर्क के लिए 011-23115652 और 011-23116464 नंबर उपलब्ध हैं। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर से जिला न्यायालय परिसर स्थित कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए 0771-2425944 और 8301508992 नंबर जारी किए गए हैं।
विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिवक्ताओं, वादीगणों और संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस समाधान समारोह में सक्रिय भागीदारी करें। यह बिना कटुता और लंबी कानूनी प्रक्रिया के, आपसी समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।