प्रदेशभर में निर्बाध आपूर्ति जारी, बढ़ती मांग के बीच ऑयल कंपनियों को प्राथमिकता से सप्लाई के निर्देश
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। सरकार के अनुसार प्रदेश में ईंधन का भरपूर स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। बढ़ती मांग को देखते हुए सभी जिलों में लगातार आपूर्ति की जा रही है तथा आम लोगों से पैनिक बाइंग और अनावश्यक भंडारण से बचने की अपील की गई है।
रायपुर। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार ने कहा कि प्रदेशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू और निर्बाध रूप से जारी है।
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में राज्य में 3 करोड़ 28 लाख 68 हजार लीटर पेट्रोल तथा 7 करोड़ 75 लाख 71 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है। बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए खाद्य विभाग के संचालक ने सभी ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन पेट्रोल पंपों को प्राथमिकता से ईंधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जहां स्टॉक कम होने की स्थिति बन रही है।
सरकार ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम में आकर अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल का भंडारण न करें। राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 13 और 14 मई को अचानक मांग बढ़ने के कारण पेट्रोल की बिक्री में 43 प्रतिशत और डीजल की मांग में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं कृषि कार्यों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की खपत लगातार बढ़ रही है।
स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिरहसौद स्थित डिपो के साथ-साथ कोरबा के गोपालपुर डिपो से लगातार जिलों में ईंधन भेजा जा रहा है। रविवार को अवकाश होने के बावजूद डिपो संचालित किए गए और लगभग 370 टैंकरों के माध्यम से विभिन्न जिलों तक पेट्रोल-डीजल पहुंचाया गया।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी डिपो से प्रतिदिन दो शिफ्टों में मांग के अनुरूप ईंधन भेजा जा रहा है, ताकि कहीं भी कमी की स्थिति निर्मित न हो।