13 कैबिनेट, 3 स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ; बंगाल मंत्रिपरिषद में अब 41 सदस्य, तीन पद अभी भी रिक्त
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार किया। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने 35 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ राज्य मंत्रिपरिषद की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा सरकार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय संतुलन साधने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।
कोलकाता (ए)। पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार ने शासन व्यवस्था को गति देने के लिए अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में आयोजित समारोह में 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री, तीन को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 को राज्य मंत्री बनाया गया है।
इस विस्तार के बाद राज्य मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या 41 हो गई है। संविधान के प्रावधानों के अनुसार पश्चिम बंगाल में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं, ऐसे में अभी तीन पद रिक्त रखे गए हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन पदों को भरा जा सकता है।
सरकार गठन के एक माह के भीतर बड़ा विस्तार
गौरतलब है कि 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पद की शपथ ली थी। उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और क्षुदीराम टुडू को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। अब पहले विस्तार के जरिए सरकार ने संगठन और प्रशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
अहम विभाग पहले से मुख्यमंत्री के पास
इससे पहले विभागों के बंटवारे में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय अपने पास रखे थे। वहीं निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पशु संसाधन विकास और कृषि विपणन विभाग सौंपा गया, जबकि अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण और नगर निकाय विभाग दिए गए। अशोक कीर्तनिया को खाद्य एवं आपूर्ति तथा सहकारिता विभाग मिला, जबकि क्षुदीराम टुडू को जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा का मजबूत सत्ता ढांचा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल की है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 208 सीटों पर जीत मिली, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। चुनावी जीत के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को सरकार के दूसरे चरण की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और राजनीतिक संदेश दोनों देने की कोशिश की गई है।