4399 दिन पूरे कर रचा नया इतिहास, भाजपा ने उपलब्धि का मनाया जश्न; कांग्रेस ने उठाए सवाल, बताया ‘संदिग्ध उपलब्धि’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले मोदी ने 10 जून को अपने कार्यकाल के 4399 दिन पूरे कर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि को लेकर जहां भाजपा और एनडीए ने देशभर में उत्सव मनाया, वहीं कांग्रेस ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
नई दिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरे कार्यकाल के दौरान एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। 10 जून को उन्होंने बतौर निर्वाचित प्रधानमंत्री 4399 दिन पूरे कर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं।
मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार जनता का जनादेश प्राप्त कर उन्होंने सत्ता की कमान संभाली। भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने इस उपलब्धि को लोकतांत्रिक विश्वास और जनसमर्थन का प्रतीक बताया है।
प्रधानमंत्री की इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं, सांसदों और नेताओं द्वारा मंदिरों में पूजा-अर्चना, हवन और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए।
दूसरी ओर कांग्रेस ने इस उपलब्धि पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह “स्वघोषित और संदिग्ध उपलब्धि” है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं और आधुनिक भारत के निर्माण में जवाहरलाल नेहरू के योगदान को कमतर दिखाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने नेहरू के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने संविधान लागू किया, रियासतों का एकीकरण किया, बड़े बांध और औद्योगिक परियोजनाओं की नींव रखी तथा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया। पार्टी ने यह भी दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं मिला और उसे सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनानी पड़ी।
इधर, मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय, विकसित भारत-2047 के विजन, बुनियादी ढांचा विकास, सुशासन, ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल लंबे समय तक पद पर बने रहने का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि देश की जनता द्वारा लगातार व्यक्त किए गए विश्वास का प्रतीक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र में लंबे जनाधार और निरंतर नेतृत्व की मिसाल के रूप में देखी जाएगी, हालांकि इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और बहस भी जारी रहेगी।