भाजपा ने राज्यसभा के लिए दोबारा नहीं दिया मौका; मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलें तेज
केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को उनके इस्तीफे की पुष्टि की। हालांकि इस्तीफे के पीछे आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और भाजपा द्वारा दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
नई दिल्ली (ए)। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 9 जून 2024 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री पद की शपथ ली थी।
बताया जा रहा है कि कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। वे अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
जॉर्ज कुरियन भाजपा के केरल इकाई के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में भी उनकी पहचान रही है। वे कई टेलीविजन चर्चाओं में भाजपा का पक्ष रखते रहे हैं। इतना ही नहीं, केरल दौरों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों का मलयालम भाषा में अनुवाद करने की जिम्मेदारी भी अक्सर निभाते रहे हैं।
कुरियन केरल के प्रमुख ईसाई समुदाय सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2024 में मोदी सरकार में उनकी नियुक्ति को भाजपा की दक्षिण भारत, खासकर ईसाई समुदाय के बीच राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा गया था।
हालांकि, हाल ही में हुए केरल विधानसभा चुनावों में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। 140 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी केवल तीन सीटों तक सीमित रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसी वजह से पार्टी नेतृत्व ने संगठन और प्रतिनिधित्व के स्तर पर नए समीकरण बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।