13,840 करोड़ रुपये के प्रस्ताव से 10,900 से अधिक रोजगार की संभावना; चार नए औद्योगिक पार्कों को भी मंजूरी
छत्तीसगढ़ में ग्रीन स्टील क्षेत्र को लेकर बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। उद्योग जगत और सरकार के बीच आयोजित संवाद कार्यक्रम में 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 10,921 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। सरकार ने इसे राज्य को स्वच्छ औद्योगिक विकास और मूल्य संवर्धित विनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।
रायपुर। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ में उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों ने राज्य में बड़े निवेश की रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वैश्विक स्तर पर शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में तेजी से बढ़ती दुनिया में ग्रीन स्टील भविष्य की आवश्यकता बन चुका है और छत्तीसगढ़ इस परिवर्तन को समय रहते अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है।
निवेशकों को समयबद्ध मंजूरी और पारदर्शी व्यवस्था का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी है। सभी अनुमतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जा रही हैं और औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने वाले उद्योगों को सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
खनिज संपदा से स्थानीय स्तर पर बढ़ेगा मूल्य संवर्धन
सरकार का उद्देश्य केवल कच्चा स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से राज्य की खनिज संपदा का अधिकतम उपयोग प्रदेश के भीतर करना है। इसके तहत ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे उपकरण, रक्षा सामग्री और सौर ऊर्जा से जुड़े उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना है।
चार नए औद्योगिक पार्कों को मिली स्वीकृति
राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर में चार नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इनमें राजनांदगांव में लगभग 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जिससे करीब 9,000 रोजगार अवसर उत्पन्न होने का अनुमान है।
क्या है ग्रीन स्टील?
कम कार्बन उत्सर्जन के साथ तैयार किए गए स्टील को ग्रीन स्टील कहा जाता है। पारंपरिक स्टील उत्पादन में कोयला और कोक का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है, जिससे बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित होती है। इसके विपरीत ग्रीन स्टील में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों, जैसे सौर और पवन ऊर्जा तथा ग्रीन हाइड्रोजन जैसी तकनीकों का उपयोग कर कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया जाता है।
18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें स्टील और खनन के अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं।