हिमाचल में मलबे में दबीं गाड़ियां, गुजरात की सड़कों पर जलभराव; कई राज्यों में अलर्ट जारी, केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
देश के कई राज्यों में मानसून अब आफत बनकर सामने आ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड तक जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कहीं भूस्खलन से सड़कें बंद हो गई हैं तो कहीं नदियों का जलस्तर बढ़ने से मंदिर और रिहायशी इलाके पानी में घिर गए हैं।
भोपाल (ए)। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। किन्नौर जिले के चोलिंग क्षेत्र में देर रात तेज बारिश के कारण नेशनल हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने से दो वाहन दब गए। प्रदेश में कई इलाकों में यातायात प्रभावित है और करीब 49 सड़कें बंद बताई जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत बाराबंकी, उन्नाव और जालौन सहित कई शहरों में शुक्रवार तड़के बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गुजरात के वलसाड में लगातार बारिश से सड़कें पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
मध्य प्रदेश में मानसून ने तेजी से पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग ने धार, बड़वानी, खरगोन और देवास जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद राम घाट क्षेत्र के आसपास स्थित मंदिर जलमग्न हो गए।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। वहीं कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तराखंड में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। रुद्रप्रयाग और चमोली सहित कई क्षेत्रों में भूस्खलन से सड़कें बाधित हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।