गांजा, प्रतिबंधित टैबलेट, कोडिन सिरप और इंजेक्शन बरामद; पुलिस की जांच में कई राज्यों तक जुड़े नेटवर्क के संकेत
राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा किया है। संयुक्त अभियान के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में गांजा, प्रतिबंधित दवाइयां और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के तार दूसरे राज्यों से जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
रायपुर। रायपुर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से गांजा, प्रतिबंधित नाइट्रोटेन टैबलेट, कोडिन युक्त सिरप, पेंटाजोसीन इंजेक्शन, सिरिंज और नकदी बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थों और अन्य सामान की कीमत करीब 10.70 लाख रुपए आंकी गई है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जब्त सामग्री का कुल मूल्य 16 लाख रुपए से अधिक बताया जा रहा है।
मामले की शुरुआत 30 जून को हुई कार्रवाई से हुई थी, जब गंज थाना क्षेत्र से मेरठ निवासी एक युवक को 10.710 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में सामने आया कि नशीला पदार्थ ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश पहुंचाया जा रहा था।
आरोपी से मिली जानकारी के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चार अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का एक मुख्य आरोपी पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया जा चुका है और सजा काटने के बाद फिलहाल जमानत पर बाहर था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। फिलहाल सप्लाई चेन, रिसीवर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।