21 जुलाई तक सीटों का होगा प्रकटीकरण, 10 से 14 अगस्त के बीच ऑनलाइन लॉटरी; 27 अगस्त तक पूरी होगी प्रवेश प्रक्रिया, केवल अप्रवेशित बच्चों को मिलेगा अवसर
निजी स्कूलों में आरटीई के तहत निःशुल्क प्रवेश से वंचित बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने अंतिम अवसर प्रदान किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीसरे एवं अंतिम चरण की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 22 जुलाई से शुरू होगी। विभाग ने सभी जिलों को 21 जुलाई तक रिक्त सीटों का प्रकटीकरण करने और 27 अगस्त तक पूरी प्रवेश प्रक्रिया हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 के तहत निजी विद्यालयों में कक्षा पहली की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए तीसरे एवं अंतिम चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश पर लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत समय-सारणी भेजते हुए 27 अगस्त 2026 तक पूरी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 से 21 जुलाई तक जिला स्तर पर विद्यालयवार रिक्त सीटों का प्रकटीकरण किया जाएगा तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद 22 जुलाई से 5 अगस्त तक पात्र अभिभावक आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस दौरान आवेदन में आवश्यक संशोधन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
आवेदनों की जांच और सत्यापन का कार्य 25 जुलाई से 7 अगस्त तक नोडल प्राचार्यों द्वारा किया जाएगा। इस अवधि में पात्र एवं अपात्र आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि भी पूरी की जाएगी। इसके बाद 10 से 14 अगस्त के बीच ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयनित बच्चों की सूची जारी की जाएगी।
लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों का संबंधित निजी विद्यालयों में प्रवेश 17 से 25 अगस्त के बीच कराया जाएगा। वहीं, 20 से 27 अगस्त तक नोडल प्राचार्य प्रवेशित बच्चों का अंतिम विवरण आरटीई पोर्टल पर दर्ज करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 27 अगस्त के बाद किसी भी स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया लंबित नहीं रहनी चाहिए।
लोक शिक्षण संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अंतिम चरण में केवल वही बच्चे आवेदन करने के पात्र होंगे, जिन्हें आरटीई के पहले और दूसरे चरण में प्रवेश नहीं मिल पाया है। पूर्व में निर्धारित सभी पात्रता शर्तें और नियम इस चरण में भी यथावत लागू रहेंगे।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निजी विद्यालयों के आसपास रहने वाले अभिभावकों तक इस अंतिम अवसर की जानकारी पहुंचाने के लिए मुनादी, समाचार पत्रों, स्थानीय प्रचार माध्यमों तथा जनसंपर्क के अन्य साधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र बच्चा निःशुल्क शिक्षा के इस अधिकार से वंचित न रहे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, नोडल प्राचार्यों और निजी विद्यालय प्रबंधन को समय-सारणी का कड़ाई से पालन करने तथा पूरी प्रक्रिया की प्रतिदिन समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।