पहली तिमाही में शुद्ध लाभ करीब 5% बढ़कर ₹19,060 करोड़; नेट इंटरेस्ट इनकम में 6.7% की वृद्धि, एसेट क्वालिटी स्थिर।
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर ₹19,059.72 करोड़ रहा। हालांकि, मुनाफा और नेट इंटरेस्ट इनकम दोनों ही बाजार विशेषज्ञों के अनुमान से कम रहे।
नई दिल्ली (ए)। एचडीएफसी बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) सालाना आधार पर 4.98 प्रतिशत बढ़कर ₹19,059.72 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से कम रहा। विश्लेषकों ने बैंक के लगभग ₹19,332 करोड़ के शुद्ध लाभ का अनुमान लगाया था।
नेट इंटरेस्ट इनकम में 6.7% की बढ़ोतरी
बैंक की मुख्य आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत बढ़कर ₹33,535.95 करोड़ पहुंच गई। हालांकि, यह भी बाजार के अनुमानित ₹34,353 करोड़ के स्तर तक नहीं पहुंच सकी।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26% पर रहा
अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल परिसंपत्तियों के आधार पर 3.26 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, ब्याज अर्जित करने वाली परिसंपत्तियों (इंटरेस्ट अर्निंग एसेट्स) के आधार पर यह 3.40 प्रतिशत रहा।
एसेट क्वालिटी में मामूली बदलाव
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) मजबूत बनी हुई है। 30 जून 2026 तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) का अनुपात कुल एडवांस का 1.17 प्रतिशत रहा, जो मार्च 2026 में 1.15 प्रतिशत था। हालांकि, यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 1.40 प्रतिशत से बेहतर स्थिति में है। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) 0.41 प्रतिशत दर्ज किया गया।
प्रोविजनिंग और क्रेडिट कॉस्ट
पहली तिमाही में बैंक ने संभावित जोखिमों के लिए ₹3,060 करोड़ का प्रावधान (Provision) किया। इस दौरान बैंक का कुल क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.40 प्रतिशत रहा, जो जोखिम प्रबंधन के लिहाज से संतुलित माना जा रहा है।
शेयर में इस वर्ष 17% से अधिक गिरावट
शुक्रवार को एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹819.60 पर बंद हुआ। इसके बावजूद वर्ष 2026 में अब तक बैंक के शेयर में करीब 17.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी-50 सूचकांक लगभग 6.9 प्रतिशत कमजोर हुआ है।
क्या है NII, NIM और NPA?
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) वह राशि होती है, जो बैंक को दिए गए ऋणों से प्राप्त ब्याज में से जमाकर्ताओं को दिए गए ब्याज को घटाने के बाद बचती है। यही बैंक की प्रमुख आय होती है।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बैंक की लाभप्रदता का प्रमुख पैमाना है। यह बताता है कि बैंक अपनी ब्याज अर्जित करने वाली परिसंपत्तियों से कितना शुद्ध ब्याज कमा रहा है।
नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) ऐसे ऋण को कहा जाता है जिसकी किस्त लगातार 90 दिनों तक जमा नहीं होती। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, 90 दिन तक बकाया रहने पर बैंक उस ऋण को एनपीए घोषित कर देता है। इससे बैंक की वसूली प्रभावित होती है और वित्तीय जोखिम बढ़ जाता है।