वेबसाइट से हटाई गई UAN एक्टिवेशन और जनरेशन सेवा; आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन हुआ अनिवार्य, EPF पर 8.25% ब्याज दर बरकरार।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जुड़ी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब UAN एक्टिवेशन और नया UAN जनरेट करने की सुविधा EPFO की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं होगी। इसके लिए सदस्यों को ‘उमंग’ (UMANG) ऐप का उपयोग करना होगा, जहां आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नई दिल्ली (ए)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की ऑनलाइन सेवाओं को अधिक सुरक्षित और तेज बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत UAN एक्टिवेशन और नया UAN जनरेट करने की सुविधा आधिकारिक वेबसाइट से हटाकर पूरी तरह ‘उमंग’ ऐप पर स्थानांतरित कर दी गई है। नई व्यवस्था में आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया है।
EPFO के अनुसार, डेटाबेस कंसॉलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद डिजिटल सेवाओं को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है।
ऐसे करें UAN एक्टिवेशन का स्टेटस चेक
यदि किसी सदस्य को यह जानना है कि उसका UAN पहले से एक्टिव है या नहीं, तो उसे उमंग ऐप में ‘UAN Services Through Face Auth’ सेक्शन में जाकर ‘UAN Allotment and Activation’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद UAN नंबर, आधार संख्या और आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज कर सहमति (Consent) बॉक्स पर टिक करें और ‘Send OTP’ पर क्लिक करें। यदि UAN पहले से सक्रिय होगा, तो स्क्रीन पर ‘The UAN entered is already activated’ संदेश दिखाई देगा।
EPF पर लगातार तीसरे वर्ष 8.25% ब्याज
वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब EPFO के अंशधारकों को इसी दर से ब्याज मिलेगा।
निकासी के लिए 25% राशि रखना अनिवार्य
EPFO के नियमों के अनुसार, नौकरी के दौरान आंशिक निकासी करने वाले सदस्यों को अपने EPF खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना आवश्यक होगा। यानी कुल जमा राशि का अधिकतम 75 प्रतिशत ही निकाला जा सकेगा। संपूर्ण राशि का भुगतान केवल नौकरी छोड़ने या नियमानुसार पात्र होने की स्थिति में किया जाता है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी सदस्य के EPF खाते में कुल ₹2 लाख जमा हैं, तो वह अधिकतम ₹1.50 लाख तक की आंशिक निकासी कर सकता है, जबकि शेष ₹50 हजार खाते में बने रहेंगे।