बारिश से बचने ई-रिक्शा में बैठी थीं सहायक संचालक; भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच करीब एक तोला सोने की चेन गायब
रायपुर में सार्वजनिक परिवहन और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चेन स्नैचिंग की एक और घटना सामने आई है। बारिश के कारण ई-रिक्शा से सफर कर रही समग्र शिक्षा कार्यालय की सहायक संचालक के गले से सोने की चेन गायब हो गई। पीड़िता ने ई-रिक्शा में सवार करीब छह महिलाओं पर शक जताया है। शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।
रायपुर। समग्र शिक्षा कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक मंजू लता साहू के साथ ई-रिक्शा में चेन चोरी की घटना सामने आई है। पीड़िता 18 अगस्त को बारिश के कारण एक्टिवा छोड़कर ई-रिक्शा से कार्यालय जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में वाहन में कई महिलाएं सवार हुईं और भीड़ बढ़ने के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पेंशनबाड़ा स्थित हमर क्लिनिक के पास उतरने के बाद उन्हें गले से सोने की चेन गायब होने का पता चला।
बारिश के कारण बदला सफर
मंजू लता साहू ने पुलिस को बताया कि वह जनता कॉलोनी, गुढ़ियारी की रहने वाली हैं। 18 अगस्त को वह परिचित के साथ एक्टिवा से कार्यालय के लिए निकली थीं। तेज बारिश के कारण उन्होंने जेल रोड बस स्टॉप के पास एक्टिवा खड़ी की और ई-रिक्शा से आगे जाने का फैसला किया।
उन्होंने ई-रिक्शा चालक से बोर्ड ऑफिस जाने को कहा। वाहन खालसा स्कूल होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा, जहां करीब छह महिलाएं उसमें सवार हो गईं। इसके बाद ई-रिक्शा आकाशवाणी चौक और जोगी बंगला होते हुए महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज की ओर बढ़ा।
भीड़ बढ़ी तो हुई धक्का-मुक्की
पीड़िता के मुताबिक, महिलाओं के सवार होने के बाद ई-रिक्शा में जगह कम पड़ गई। सवारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। करीब 10:05 बजे वह पेंशनबाड़ा स्थित हमर क्लिनिक के पास ई-रिक्शा से उतर गईं। वाहन के आगे बढ़ने के बाद उन्होंने गले पर हाथ लगाया तो सोने की चेन गायब मिली।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि चेन करीब एक तोला वजनी थी। उन्हें आशंका है कि ई-रिक्शा में सवार महिलाओं में से किसी ने भीड़ का फायदा उठाकर चेन निकाल ली।
CCTV फुटेज से तलाश शुरू
शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ई-रिक्शा के पूरे रूट और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। ई-रिक्शा चालक के साथ ही उस दौरान वाहन में सवार महिलाओं की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका है या घटना को किसी अन्य तरीके से अंजाम दिया गया।