पूर्व CM बोले- केंद्र ने रोकी राशि, डिप्टी CM का पलटवार- पोर्टल बंद नहीं था, आंकड़े खुद सच बताएंगे
रायपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति के दो प्रमुख चेहरे आमने-सामने रहे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच करीब 1 घंटे 20 मिनट तक खुली बहस हुई। दोनों ने अपने-अपने कार्यकाल में पीएम आवास को लेकर स्वीकृति, निर्माण और केंद्र से मिली राशि के आंकड़े सामने रखे। बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए।
रायपुर। बहस की शुरुआत में भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पीएम आवास की स्वीकृति और निर्माण से जुड़े आंकड़े रखे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 मकान स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 1 लाख 39 हजार आवास पूरे किए गए। वर्ष 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 आवास का लक्ष्य था, जबकि 1 लाख 22 हजार मकान पूर्ण हुए।
बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में आर्थिक परिस्थितियां कठिन थीं और सरकारों के पास पर्याप्त राशि नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022-23 में पीएम आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था। कांग्रेस सरकार ने केंद्र से अपने हिस्से की राशि जारी करने की मांग की और इस संबंध में पत्राचार भी किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर छत्तीसगढ़ में करीब 18 लाख आवास बाकी थे। इनमें से कांग्रेस सरकार ने 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए थे।
विजय शर्मा ने आंकड़ों पर उठाए सवाल
.उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के आंकड़ों को चुनौती देते हुए कहा कि आंकड़ों की गणना सही तरीके से की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पीएम आवास योजना के तहत 18 लाख मकान स्वीकृत किए गए हैं
शर्मा ने कहा कि भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ देश में सबसे ज्यादा पीएम आवास बनाने वाला राज्य रहा।
उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वित्तीय स्वीकृति और आवास निर्माण की गति पर भी सवाल उठाए। शर्मा के मुताबिक, पांच साल में वित्तीय स्वीकृति के तौर पर करीब 3,900 करोड़ रुपए थे और कांग्रेस सरकार के दौरान करीब 3 लाख मकान पूर्ण हुए। वहीं भाजपा सरकार ने ढाई साल में करीब 16 हजार करोड़ रुपए खर्च किए।
पोर्टल बंद होने के मुद्दे पर दोनों में तकरार
पीएम आवास पोर्टल बंद होने के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। विजय शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में भी पीएम आवास के लिए राशि आती रही थी और पोर्टल बंद नहीं था। उनके मुताबिक विवाद पोर्टल का नहीं, बल्कि तत्कालीन सरकार के रुख का था।
वहीं भूपेश बघेल ने दोहराया कि कोरोना काल में केंद्र से राशि जारी नहीं की गई थी और पोर्टल बंद था। उन्होंने कहा कि सही तथ्य क्या हैं, यह पत्रकार स्वयं जांचकर तय कर सकते हैं।
Grok का भी आया जिक्र
बहस के दौरान विजय शर्मा ने आंकड़ों की सच्चाई जानने के लिए Grok से जानकारी लेने की बात कही। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में भारत सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों का भी उल्लेख किया। जवाब में बघेल ने कहा कि कौन सही बोल रहा है, यह पत्रकार खुद तथ्यों की पड़ताल कर सकते हैं।
दोनों नेताओं के बीच हुई यह बहस पहले से तय चुनौती के बाद आयोजित की गई थी। कार्यक्रम का रायपुर प्रेस क्लब से लाइव प्रसारण किया गया। इस दौरान व्यवस्था को लेकर कुछ पत्रकारों ने नाराजगी भी जताई।