कांग्रेस बोली- ढाई साल तक पात्र मानकर हर माह भेजे ₹1 हजार, अब वसूली का आधार बताए सरकार; बिलासपुर में 542 मामलों के बाद फिर गरमाया मुद्दा
रायपुर। महतारी वंदन योजना में दोबारा पात्रता जांच के दौरान हजारों हितग्राहियों के अपात्र पाए जाने के बाद अब योजना के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि जिन महिलाओं को पात्र मानकर योजना में शामिल किया गया और लंबे समय तक हर महीने एक हजार रुपए की राशि उनके खातों में भेजी गई, उन्हें बाद में अपात्र किस आधार पर घोषित किया गया। पार्टी ने पहले भुगतान की प्रक्रिया और अब राशि वापसी की कार्रवाई पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
जुलाई में सामने आए थे करीब 27 हजार मामले
जुलाई 2026 में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 27 हजार हितग्राहियों को अपात्र पाया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक इन मामलों में करीब 9 करोड़ रुपए की वसूली की जानकारी सामने आई थी। रायपुर में 2,883 और रायगढ़ में 1,017 अपात्र प्रकरण बताए गए थे।
बिलासपुर में 4.17 लाख रिकॉर्ड खंगाले
इसी बीच बिलासपुर में योजना के हितग्राहियों की पात्रता की जांच के दौरान 4 लाख 17 हजार 902 रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। इनमें 542 महिलाएं अपात्र पाई गईं। विभाग की ओर से करीब 30 लाख रुपए की राशि वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई के बाद योजना में पहले की गई पात्रता जांच को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस ने इसी बिंदु को आधार बनाकर सरकार से जवाब मांगा है।
कांग्रेस ने पूछा- पहले जांच में क्या हुआ?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि योजना में शामिल करने से पहले महिलाओं से आवेदन लिए गए, दस्तावेजों की जांच हुई और पात्रता के आधार पर उन्हें लाभार्थी सूची में शामिल किया गया। उनका सवाल है कि यदि बाद की जांच में कोई महिला अपात्र पाई गई तो शुरुआती सत्यापन में यह स्थिति सामने क्यों नहीं आई।
ठाकुर ने यह भी पूछा कि करीब ढाई साल तक जिन महिलाओं को लगातार सहायता राशि दी गई, उस दौरान उनकी पात्रता किस प्रक्रिया और किस जांच के आधार पर सुनिश्चित की गई थी।
परिवार का खर्च चलाने में खर्च हुई राशि
कांग्रेस का कहना है कि योजना के तहत हर महीने मिलने वाली रकम कई महिलाओं ने घरेलू जरूरतों में खर्च की होगी। इसमें बच्चों की जरूरतें, बिजली बिल और परिवार के अन्य खर्च शामिल हैं। ऐसे में पहले से खर्च हो चुकी राशि को एकमुश्त वापस मांगने पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।
राशि वापसी को लेकर दबाव का आरोप
धनंजय ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ महिलाओं पर पहले मिल चुकी राशि वापस जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि कुछ मामलों में महिलाएं रकम लौटाने के लिए कर्ज लेने या गहने गिरवी रखने जैसी स्थिति में पहुंच रही हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि खबर में उपलब्ध नहीं है।
अपात्रता का आधार सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जिन हितग्राहियों को अपात्र घोषित किया गया है, उनकी अपात्रता का स्पष्ट आधार सार्वजनिक किया जाए। पार्टी का कहना है कि यदि सरकारी स्तर पर दस्तावेजों की जांच के बाद महिलाओं को पात्र मानकर भुगतान किया गया था, तो बाद में राशि की वसूली से पहले संबंधित प्रक्रिया और जिम्मेदारी भी स्पष्ट होनी चाहिए।
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जाती है। जून 2026 तक 68,54,003 महिलाओं को योजना का लाभ दिए जाने की जानकारी विधानसभा में दी गई थी।