रायपुर के 90 फीसदी पूजा पंडालों में हवन संपन्न, अंबिकापुर में महामाया मंदिर के बाहर लगी कतारें; टीएस सिंहदेव ने की संधि पूजा
शारदीय नवरात्र की महाष्टमी पर छत्तीसगढ़ के देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रायपुर से लेकर डोंगरगढ़, रतनपुर, अंबिकापुर और रायगढ़ तक सुबह से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। राजधानी के करीब 90 प्रतिशत पूजा पंडालों में हवन पूरा हो चुका है। भक्त माता रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
रायपुर। शारदीय नवरात्र की महाष्टमी और नवमी के अवसर पर सोमवार को प्रदेशभर में देवी आराधना की धूम रही। प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़, रतनपुर के मां महामाया मंदिर और राजधानी रायपुर के महामाया मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी, नारियल और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
पंचांग के अनुसार, सोमवार सुबह 10:51 बजे तक अष्टमी तिथि रही, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो गई। उदया तिथि के आधार पर महाष्टमी का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों ने मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा की। मंदिरों के साथ ही घरों और सार्वजनिक पूजा स्थलों पर भी धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
राजधानी रायपुर के पंडित शिरीष कुमार मिश्रा के अनुसार, शहर के लगभग 90 प्रतिशत पूजा पंडालों में हवन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नवरात्र के अंतिम चरण में कन्या पूजन, हवन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही। परंपरा के अनुसार राजपरिवार के मुखिया टीएस सिंहदेव ने मंदिर में संधि पूजा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वहीं, रायपुर के महामाया मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्र के अवसर पर धार्मिक आयोजन और विशेष पूजन जारी रहे।