भीड़ को देखते हुए उरकुरा से रायपुर स्टेशन तक ट्रेनें 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, सुरक्षा में 250 जवान तैनात; पुतला निर्माण की लागत 20% तक बढ़ी
राजधानी रायपुर में दशहरा उत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंगलवार को शहर के अलग-अलग मैदानों में रावण दहन के साथ रामलीला, भजन और आतिशबाजी के कार्यक्रम होंगे। डब्ल्यूआरएस मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन प्रमुख आकर्षण रहेगा। यहां उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों की गति सीमित रखने और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।
रायपुर। विजयादशमी पर राजधानी में मंगलवार को दशहरा उत्सव की धूम रहेगी। शहर के प्रमुख मैदानों में रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। डब्ल्यूआरएस मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। वहीं, बोरियाखुर्द में रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे। शहर के रावणभाठा, सप्रे स्कूल और बीटीआई मैदान सहित अन्य स्थानों पर भी आयोजन की तैयारियां की गई हैं।
इस बार रावण के पुतले तैयार करने की लागत में लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। बांस, कागज, रंगीन कागज, कपड़े, पेंट और सजावटी सामग्री की कीमतें बढ़ने से आयोजकों का खर्च बढ़ गया है। इसके बावजूद दशहरा समितियां परंपरागत उत्सव को भव्य रूप देने में जुटी हैं।
रेलवे ट्रैक के पास विशेष सतर्कता
डब्ल्यूआरएस मैदान के पास से मुंबई-हावड़ा रेल लाइन गुजरती है। दशहरा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और पटरियों के करीब पहुंचने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। मंगलवार दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक उरकुरा से रायपुर स्टेशन के बीच ट्रेनों की अधिकतम गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी। लोको पायलट हॉर्न बजाते हुए ट्रेनों को आगे बढ़ाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें रोक भी सकेंगे।
रेलवे के अनुसार, इस दौरान ट्रेनों को सामान्य स्थिति में लगभग पांच मिनट और अधिक व्यस्तता होने पर 10 मिनट तक की देरी हो सकती है। वास्तविक विलंब परिचालन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
250 जवान संभालेंगे सुरक्षा
मैदान के आसपास रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के लगभग 250 जवान तैनात रहेंगे। रेल पटरी के पास बैरिकेडिंग की जाएगी। लोगों को पटरियों से दूर रखने के लिए हर 10 मिनट में माइक से घोषणा की जाएगी। सुरक्षा दल लगातार निगरानी भी करेंगे।
दोपहर से ही डब्ल्यूआरएस मैदान में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। शाम के समय भीड़ बढ़ने पर फाफाडीह से मैदान तक यातायात प्रभावित हो सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें यातायात व्यवस्था संभालेंगी।
बोरियाखुर्द में तीन पुतलों का दहन
बोरियाखुर्द के खेल मैदान में दशहरा सांस्कृतिक महोत्सव के तहत 45 फीट ऊंचे रावण तथा 30-30 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। दिन में पतंग उत्सव आयोजित होगा। दोपहर चार बजे सांस्कृतिक नृत्य और योग प्रदर्शन होंगे। शाम पांच बजे भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा-अर्चना के साथ दीप प्रज्वलन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे रामलीला का मंचन होगा। इसके बाद पुतला दहन और आतिशबाजी होगी। रात आठ बजे उज्जैन के भजन गायक सन्नी अलबेला और उनकी टीम प्रस्तुति देगी।
सप्रे स्कूल में 50 फीट का रावण जलेगा
बूढ़ापारा स्थित सप्रे स्कूल मैदान में शाम चार बजे भजन कार्यक्रम के साथ उत्सव शुरू होगा। स्थानीय और अन्य भजन गायक भगवान श्रीराम तथा माता दुर्गा के भक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे। शाम छह बजे श्रीराम-लक्ष्मण की झांकी के साथ 50 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। इसके बाद शाम 6:30 बजे आतिशबाजी होगी। दशहरा उत्सव समिति पिछले 15 वर्षों से यहां आयोजन कर रही है। लोगों के बैठने, मंच और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।
रावणभाठा और बीटीआई मैदान में भी आयोजन
रावणभाठा मैदान में नगर निगम की ओर से दशहरा आयोजन के लिए साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल और अग्निशमन संबंधी तैयारियां की जा रही हैं। दूसरी ओर, शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में खम्हारडीह सार्वजनिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति की तैयारियां भूमिपूजन के साथ शुरू हुईं। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने पूजा-अर्चना कर आयोजन की सफलता और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।