पूर्व मुख्यमंत्री का दावा- अडानी की नजर भिलाई स्टील प्लांट की रेल मिल पर; विधायक देवेंद्र यादव ने पूछा- 10 हजार रहवासियों को नोटिस क्यों
दुर्ग-भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र की बिक्री संबंधी खबरों को प्रबंधन द्वारा अफवाह बताए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। मीडिया से चर्चा में उन्होंने सवाल उठाया कि बीएसपी के जनसंपर्क विभाग को खंडन जारी करने का अधिकार किसने दिया। बघेल ने पूछा कि क्या यह बयान भारत सरकार की अनुमति से जारी हुआ है, क्योंकि बिक्री का फैसला केंद्र सरकार ही करती है।
माफी मांगें अधिकारी
बघेल ने कहा कि बीएसपी का जनसंपर्क विभाग न तो सेल का प्रवक्ता है और न ही इस्पात मंत्रालय का। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी ने सरकार की अनुमति के बिना बयान जारी किया है तो उसे भिलाई की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी समूह की नजर संयंत्र की रेल मिल पर है और उसे खरीदने की पूरी कोशिश हो रही है। बघेल ने यह भी कहा कि अडानी के भिलाई प्लांट आने का मकसद क्या है, क्या उनके पास इतना वक्त है कि वे सिर्फ घूमने आएं।
विधायक यादव का सवाल
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने खंडन के जवाब में कहा कि प्रबंधन बताए कि उसने 10 हजार रहवासियों को मकान खाली करने का नोटिस क्यों दिया। उन्होंने कहा कि यदि बसाहट खत्म की जा रही है तो क्या यह बेचने की तैयारी नहीं है।
पोस्टर पर भी पलटवार
बीजेपी ने बघेल पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी किया था। इस पर बघेल ने कहा कि उन्होंने बीएसपी की बात की थी, पर पोस्टर में ट्रेन और रेल पटरी दिखाई गई है, जो खुद इशारा है कि अडानी की नजर पटरी यानी रेल मिल पर है। बीजेपी विधायक रिकेश सेन के घर के बाहर धरने को लेकर उन्होंने कहा कि वे आएं तो चाय पिलाकर स्वागत करेंगे, लेकिन पहले यह सुनिश्चित करें कि भिलाई स्टील प्लांट नहीं बिकेगा।
बालको, नगरनार का भी जिक्र
बघेल ने भाजपा सरकार के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए बालको, नगरनार स्टील प्लांट और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पावर प्लांट, ऑक्सीजन प्लांट और सिन्टर प्लांट बेचे गए। उनके मुताबिक अडानी समूह पहले कोयला खदानों से जुड़ा, फिर बिजली उत्पादन में आगे बढ़ा और अब लौह अयस्क व इस्पात उत्पादन में गतिविधियां बढ़ा रहा है।