2021 में दर्ज प्रकरणों में न्यायालय ने जारी किए थे वारंट, गांव पहुंचकर आरोपियों की तलाश की; सालभर में 32 गिरफ्तारियां
दुर्ग-भिलाई। रेलवे की संपत्ति चोरी से जुड़े लंबित मामलों में दुर्ग रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सफलता मिली है। टीम ने करीब पांच साल पुराने दो मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर से अस्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे। आरपीएफ ने मुखबिर की सूचना पर 26 अक्टूबर को आरोपियों के गांव में दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया। बाद में दोनों को न्यायालय में पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी केवल सिंह हलवा (44), पिता पुनीत राम हलवा और नरेन्द्र उर्फ कन्नू बन गोस्वामी (36), पिता जोईधा बन गोस्वामी शामिल हैं। केवल सिंह के खिलाफ आरपीएफ दुर्ग में अपराध क्रमांक 04/2021 दर्ज है, जिसका न्यायालय प्रकरण क्रमांक 9406/2021 है। वहीं, नरेन्द्र के खिलाफ अपराध क्रमांक 06/2021 दर्ज है और उसका न्यायालय प्रकरण क्रमांक 9407/2021 है।
सितंबर में जारी हुए थे गिरफ्तारी वारंट
दोनों मामले रेल संपत्ति चोरी से जुड़े हैं। विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर ने 28 सितंबर 2026 को दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अस्थायी वारंट जारी किए थे। इन वारंटों की तामील के लिए आरपीएफ दुर्ग ने टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली जानकारी के बाद टीम उनके गांव पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
एक साल में 32 आरोपियों तक पहुंची आरपीएफ
इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक निरंजन, आरक्षक एचआर सैनी और आरक्षक एसआर मीना शामिल रहे। आरपीएफ दुर्ग का कहना है कि न्यायालय से जारी वारंटों की तामील और पुराने मामलों के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत पिछले एक साल में 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। रेलवे संपत्ति से जुड़े मामलों में लंबित वारंटों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।