छत्तीसगढ़ में 49 मेडिकल ऑफिसर्स को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग, 8 मॉड्यूल के जरिए फॉलो-अप, दुष्प्रभावों के उपचार और मानसिक स्वास्थ्य पर रहेगा जोर
रायपुर। कैंसर का उपचार पूरा होने के बाद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ में विशेष पहल की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और ईसीएचओ इंडिया की संयुक्त पहल पर कैंसर सर्वाइवरशिप केयर प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के 49 मेडिकल ऑफिसर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे कैंसर से उबर चुके मरीजों की नियमित निगरानी और उपचार के बाद होने वाली परेशानियों के प्रबंधन में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
इस कार्यक्रम का प्री-लॉन्च एवं ओरिएंटेशन सत्र 28 अक्टूबर को आयोजित किया गया। इसमें डॉक्टरों को कैंसर उपचार के बाद मरीजों की देखभाल, दवाओं एवं उपचार के संभावित दुष्प्रभावों की पहचान, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और पुनर्वास सेवाओं के बारे में प्रशिक्षित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
आठ मॉड्यूल में तैयार होंगे प्रशिक्षित चिकित्सक
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण को आठ मॉड्यूल में विभाजित किया गया है। इनके माध्यम से मेडिकल ऑफिसर्स की कार्यक्षमता बढ़ाई जाएगी, ताकि वे उपचार पूरा होने के बाद भी मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख सकें। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उचित परामर्श, उपचार और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
इलाज के बाद भी जरूरी है नियमित निगरानी
कैंसर का उपचार पूरा होने के बाद मरीजों की चुनौतियां पूरी तरह समाप्त नहीं होतीं। कई लोगों को शारीरिक कमजोरी, उपचार के दुष्प्रभाव, मानसिक तनाव और दैनिक जीवन में सामान्य गतिविधियों से जुड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और पुनर्वास सेवाएं मरीजों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस पहल का उद्देश्य कैंसर से उबर चुके लोगों को उपचार के बाद भी निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़े रखना और उनकी जरूरतों के अनुरूप देखभाल सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के उप संचालक डॉ. संजीव मेश्राम और राज्य सलाहकार अभिलाषा शर्मा उपस्थित रहीं। वहीं, सीएचआईपी फाउंडेशन की ओर से डॉ. शेखर गोवर्धन ने संसाधन विशेषज्ञ के रूप में सहयोग प्रदान किया।