दुर्ग में आयोजित संवाद कार्यक्रम में 300 पंचायतों के प्रतिनिधि हुए शामिल, केंद्र और राज्य की योजनाओं की प्रक्रिया समझाई गई
दुर्ग-भिलाई। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के बेहतर संचालन और पंचायतों की समस्याओं को समझने के लिए दुर्ग में सांसद-सरपंच संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांसद विजय बघेल की अगुवाई में हुए इस कार्यक्रम में जिले की करीब 300 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने भाग लिया। बैठक में योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनके क्रियान्वयन में आ रही अड़चनों, ग्रामीण जरूरतों और पंचायतों की भूमिका पर चर्चा हुई।
आयोजन में प्रोजेक्टर के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। सरपंचों को बताया गया कि योजनाओं का लाभ किन लोगों को मिल सकता है और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया क्या है। इसके अलावा पंचायतों में हुए अच्छे कार्यों के उदाहरण भी साझा किए गए, ताकि अन्य पंचायतें भी उनसे सीख ले सकें।
योजनाओं के संचालन में आने वाली परेशानियां रखीं
संवाद के दौरान सरपंचों ने अपने-अपने गांवों से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में आ रही कठिनाइयों और नियमों से जुड़े सवालों पर अधिकारियों से जानकारी मांगी गई। विभागीय अधिकारियों ने इन सवालों का जवाब देते हुए संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी दी गई।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य
सांसद विजय बघेल ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप गांवों के विकास तथा जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरपंच गांव और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल होने से योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
संवाद को सरपंचों ने बताया उपयोगी
कार्यक्रम में शामिल पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि योजनाओं के संबंध में सीधे अधिकारियों से चर्चा करने का अवसर मिलने से कई शंकाएं दूर होती हैं। नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिलने से पंचायत स्तर पर काम करना आसान हो सकता है। सरपंचों के अनुसार, गांवों की समस्याओं पर चर्चा और उनके समाधान के लिए इस तरह के आयोजन ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाने में सहायक हैं।