₹100 करोड़ का स्टार्टअप फंड और ₹10 लाख तक का सीड फंड देगी सरकार; नवाचार को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए सीएम साय का बड़ा फैसला
रायपुर (ए): छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का प्रमुख स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में ‘छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30’ को मंजूरी दे दी गई है। राज्य के विजन @2047 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तैयार की गई यह नीति नवाचार आधारित उद्योगों को नई गति प्रदान करेगी। अब तक औद्योगिक नीतियों के भीतर ही स्टार्टअप पैकेज दिया जाता था, लेकिन अब एक पृथक और विस्तृत नीति होने से निवेश, इन्क्यूबेशन और नई तकनीक को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में भी मजबूती से उभरेगा।
स्टार्टअप्स के लिए विशेष वित्तीय सहायता और निवेश योजना
नई नीति के अंतर्गत शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट’ विकसित करने हेतु ₹10 लाख तक का सीड फंड देने का प्रावधान किया गया है। राज्य में निवेश की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ₹100 करोड़ का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप कैपिटल फंड बनाया जाएगा, जो सेबी-पंजीकृत फंड्स के माध्यम से स्टार्टअप्स में निवेश करेगा। इसके अलावा, बैंकिंग सहायता को सुलभ बनाने हेतु ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड भी स्थापित किया जाएगा, जिसके जरिए स्टार्टअप इकाइयों को बैंकों से ₹1 करोड़ तक के बिना गारंटी वाले ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी मिलेगी। साथ ही, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को ₹50 लाख तक के ऋण पर पांच वर्षों तक 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी दिया जाएगा।
बाजार पहुंच और विस्तार के लिए सरकारी सहयोग
स्टार्टअप्स के विस्तार और उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार ने विशेष रियायतें दी हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में भाग लेने वाले स्टार्टअप्स के पंजीकरण, यात्रा और बूथ शुल्क का 50 प्रतिशत खर्च सरकार वहन करेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन खर्च की प्रतिपूर्ति के साथ-साथ सफलतापूर्वक निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को फंडरेजिंग पर अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसके अलावा, सरकारी खरीद में प्राथमिकता, स्टाम्प शुल्क में छूट और किराये के भवन में संचालित इकाइयों को तीन वर्षों तक किराया अनुदान देने जैसे प्रावधान स्टार्टअप्स के शुरुआती संघर्ष को कम करने में सहायक सिद्ध होंगे।
रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान
नई स्टार्टअप नीति में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन राशि तय की गई है। दस से अधिक स्थायी रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को प्रत्येक महिला कर्मचारी के लिए ₹6,000 और पुरुष कर्मचारी के लिए ₹5,000 प्रति माह की सहायता दी जाएगी। सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए, यदि कोई स्टार्टअप दिव्यांगजनों, सेवानिवृत्त अग्निवीरों या नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को नौकरी देता है, तो सरकार उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक अनुदान पांच वर्षों तक प्रदान करेगी। यह कदम न केवल उद्यमिता को बढ़ावा देगा बल्कि राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में भी मदद करेगा।
भविष्य की संभावनाएं और राज्य का विकास
राज्य सरकार का मानना है कि यह नीति छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगी। गुणवत्ता प्रमाणीकरण, पेटेंट हासिल करने और सरकारी अनुसंधान संस्थानों से तकनीक खरीदने पर मिलने वाले अनुदान से स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी। छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के लागू होने से प्रदेश में न केवल बाहरी निवेश आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपने ही राज्य में उद्यमी बनने के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। इससे छत्तीसगढ़ एक प्रतिस्पर्धी और नवाचार संचालित राज्य के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।