राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर अड़ा विपक्ष, लगातार हंगामे से सदन की कार्यवाही बाधित
संसद के बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की अटकलें तेज हो गई हैं। राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर देने की मांग को लेकर विपक्ष लगातार दबाव बना रहा है।
नई दिल्ली (ए)। बजट सत्र के दौरान लोकसभा में सियासी माहौल लगातार गरम बना हुआ है। सोमवार को सत्र के नौवें दिन की शुरुआत भी विपक्षी सांसदों के हंगामे के साथ हुई। विपक्ष की प्रमुख मांग राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति देने को लेकर रही, जिस पर सहमति न बनने से कार्यवाही बाधित हो गई।
लोकसभा स्पीकर ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा, लेकिन विपक्षी सांसद इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी जारी रखी। हालात को देखते हुए स्पीकर को मजबूरन सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले बजट सत्र के आठवें दिन शुक्रवार को भी लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला था। उस दिन लगातार व्यवधान के चलते सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी थी। वहीं, राज्यसभा में भी सोमवार को इसी तरह के हालात बनने की आशंका जताई जा रही है।
राज्यसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच तीखी बहस हुई थी। यह विवाद राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बयान और उनके राजनीतिक रुख को लेकर हुआ।
गौरतलब है कि रवनीत सिंह बिट्टू ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इसी मुद्दे पर संसद परिसर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिट्टू को लेकर तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद सियासी विवाद और तेज हो गया।
लगातार हो रहे हंगामे के बीच अब विपक्षी खेमे में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी चर्चा शुरू हो गई है। यदि यह प्रस्ताव लाया जाता है तो आने वाले दिनों में संसद का सियासी तापमान और बढ़ने के संकेत हैं।