ब्रह्मपुत्र के नीचे 19 हजार करोड़ की सड़क-रेल सुरंग को मिल सकती है मंजूरी; पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी में होगा बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होने से पहले केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में असम के लिए बड़े बुनियादी ढांचा पैकेज को हरी झंडी मिलने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लग सकती है।
नई दिल्ली (ए)। सत्ता के केंद्र में बदलाव से पहले केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को बड़ी विकासात्मक सौगात देने की तैयारी में है। शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में होने वाली कैबिनेट की अंतिम बैठक में असम से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी मिल सकती है। माना जा रहा है कि कुल निवेश 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा।
बैठक का सबसे अहम एजेंडा ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित करीब 19 हजार करोड़ रुपये की सड़क-सह-रेल सुरंग है। यह ट्विन-ट्यूब सुरंग गोहपुर को नुमालीगढ़ से जोड़ेगी, जिसमें एक ट्यूब सड़क यातायात और दूसरी रेल संचालन के लिए होगी। परियोजना के पूर्ण होने पर यात्रा समय साढ़े छह घंटे से घटकर लगभग 30 मिनट रह जाएगा।
रणनीतिक दृष्टि से यह सुरंग अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर सहित पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों से संपर्क बेहतर होगा। रक्षा तैयारियों और आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी यह संरचना उपयोगी साबित होगी। परियोजना की डीपीआर को अंतर-मंत्रालयी समिति पहले ही स्वीकृति दे चुकी है।
इसी बैठक में प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन के उपलक्ष्य में 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार सिक्के के एक पक्ष पर अशोक स्तंभ और ‘सत्यमेव जयते’ अंकित होगा, जबकि दूसरे पक्ष पर ‘सेवा तीर्थ’ भवन की आकृति उकेरी जाएगी। साथ ही ‘नागरिकदेवो भव’ और कमल पुष्प का चिह्न भी अंकित रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए पीएमओ परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो रहे हैं। इसके साथ ही देश का प्रशासनिक ‘पावर सेंटर’ साउथ ब्लॉक से नए परिसर में शिफ्ट हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित निवेश से न केवल असम में आधारभूत ढांचा मजबूत होगा, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। पूर्वोत्तर के लिए यह विकास का नया रोडमैप साबित हो सकता है।