MCX पर चांदी 2.44 लाख के पार, कमजोर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से फेड की दर कटौती की उम्मीदें मजबूत
अंतरराष्ट्रीय संकेतों के सहारे घरेलू सर्राफा बाजार में फिर से रौनक लौट आई है। बिकवाली के दबाव के बाद सोना-चांदी में जोरदार रिकवरी दर्ज की गई, जिसमें चांदी ने एक ही सत्र में 8500 रुपये से ज्यादा की छलांग लगाकर निवेशकों का ध्यान खींच लिया।
नई दिल्ली (ए)। घरेलू और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच सप्ताह के अंत में बुलियन मार्केट में जोरदार वापसी देखने को मिली। खासकर वायदा बाजार में चांदी ने जबरदस्त तेजी दिखाते हुए एक ही कारोबारी सत्र में करीब 8564 रुपये की बढ़त दर्ज की।
Multi Commodity Exchange (MCX) पर शुक्रवार को चांदी 3.62 प्रतिशत उछलकर 2,44,999 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 305 रुपये यानी 0.2 प्रतिशत चढ़कर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
वैश्विक बाजार में भी तेजी का असर साफ दिखा। हाजिर चांदी 2.1 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77.27 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। गौरतलब है कि एक सत्र पहले इसमें करीब 11 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई थी। हाजिर सोना भी 2.33 प्रतिशत चढ़कर 5063 डॉलर प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को बुलियन करीब 3 प्रतिशत फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था।
अमेरिकी संकेतों से बदला माहौल
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में जारी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से नरम रहे हैं। इससे Federal Reserve की ओर से इस साल ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं फिर से मजबूत हुई हैं। दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ते ही निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोना और चांदी में दोबारा खरीदारी शुरू कर दी।
सोने का आउटलुक
विश्लेषकों का मानना है कि 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर सोने के लिए मजबूत सपोर्ट जोन बना हुआ है। इस स्तर पर भौतिक मांग और निवेश दोनों से सहारा मिल रहा है। यदि कीमतें 1,60,000 रुपये के ऊपर टिकती हैं, तो 1,65,000 से 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड का स्ट्रक्चरल सपोर्ट भी फिलहाल बड़ी गिरावट को सीमित कर रहा है।
चांदी की तकनीकी तस्वीर भी मजबूत मानी जा रही है। MCX पर 2,33,000 से 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम का दायरा अहम सपोर्ट जोन के रूप में उभरकर सामने आया है। जानकारों का कहना है कि यदि 2,65,000 रुपये के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट मिलता है, तो मीडियम टर्म में चांदी 2,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक का स्तर छू सकती है। वैश्विक सप्लाई में सख्ती और इंडस्ट्रियल मांग में स्थिरता भी कीमतों को सहारा दे रही है।