बिलासपुर से मुंगेली ट्रांसफर पर अंतरिम रोक, 23 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी अगली सुनवाई
Bilaspur High Court ने वन विभाग से जुड़े एक अहम मामले में मुख्य वन संरक्षक (CCF) द्वारा जारी तबादला आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने आदेश के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए राज्य शासन को जवाब पेश करने के लिए समय दिया है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वन विभाग के एक स्थानांतरण आदेश पर महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करते हुए उसे फिलहाल स्थगित कर दिया है। मामला बिलासपुर वन मंडल के बेलतरा में पदस्थ रेंज सहायक वेदप्रकाश शर्मा के तबादले से जुड़ा है, जिन्हें 4 फरवरी 2026 के आदेश के तहत मुंगेली वन मंडल स्थानांतरित किया गया था।
याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता जितेंद्र पाली के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया कि यह आदेश मुख्य वन संरक्षक (CCF) द्वारा जारी किया गया, जबकि एक वन मंडल से दूसरे वन मंडल में तबादले का अधिकार उनके पास नहीं है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे तबादले सक्षम प्राधिकारी ही कर सकते हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने PCCF द्वारा जारी पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि CCF ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित किया है। इसलिए आदेश को निरस्त या स्थगित किया जाना आवश्यक है।
मामले की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की एकलपीठ में हुई। राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता शैलजा शुक्ला ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए 4 फरवरी 2026 को जारी तबादला आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही स्पष्ट किया कि मामले को 23 मार्च से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
इस आदेश के बाद फिलहाल वेदप्रकाश शर्मा को मुंगेली स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और वे पूर्ववत अपने वर्तमान पद पर कार्य करते रहेंगे।