आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हृदय रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ नियमित योगाभ्यास को दिल की सेहत के लिए लाभकारी मानते हैं। योग न केवल शरीर को सक्रिय रखता है, बल्कि तनाव कम करने, रक्त संचार सुधारने और सांसों की लय संतुलित करने में भी मदद करता है। शोधों के अनुसार, रोजाना 20–30 मिनट का योग अभ्यास हृदय संबंधी जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
स्वस्थ हृदय के लिए केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि नियमित दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली भी जरूरी है। योग को अपनी रोजमर्रा की आदत में शामिल करना दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने का एक सरल और प्रभावी तरीका माना जाता है। नियमित अभ्यास से ब्लड प्रेशर संतुलित रखने, हार्ट रेट को नियंत्रित करने और तनाव घटाने में सहायता मिल सकती है।
दिल के लिए फायदेमंद 5 योगासन
1) ताड़ासन (पर्वत मुद्रा)
यह आसन शरीर की स्थिति (पोश्चर) को सुधारने में मदद करता है। रीढ़ सीधी रखने और गहरी सांस लेने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है तथा रक्त संचार बेहतर होता है।
विधि: सीधे खड़े होकर पैरों को मिलाएं, कंधे पीछे रखें और 5–8 गहरी सांसें लें।
2) अधो मुख श्वानासन
पूरे शरीर को स्ट्रेच करने वाला यह आसन रक्त प्रवाह को सक्रिय करता है और मांसपेशियों को मजबूती देता है।
विधि: हाथों और घुटनों के बल आकर कूल्हों को ऊपर उठाएं, 30–60 सेकंड तक सामान्य सांस लेते रहें।
3) उत्थित त्रिकोणासन
यह आसन छाती को खोलता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और हृदय क्षेत्र सक्रिय रहता है।
विधि: पैरों को फैलाकर खड़े हों, एक ओर झुकते हुए 5–8 सांसों तक रुकें, फिर दूसरी ओर दोहराएं।
4) सेतु बंध सर्वांगासन
हल्का बैक-बेंड हृदय और फेफड़ों को सक्रिय करता है तथा रक्त प्रवाह में सहायता करता है।
विधि: पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें, कूल्हों को ऊपर उठाएं और 1–2 मिनट तक शांत सांसों के साथ स्थिति बनाए रखें।
5) विपरीत करणी
यह विश्रामदायक आसन तनाव कम करने और रक्त संचार संतुलित करने में सहायक माना जाता है।
विधि: दीवार के सहारे पैरों को ऊपर उठाकर 3–5 मिनट तक आराम करें।
जरूरी सावधानियां
योग हमेशा खाली पेट या हल्के भोजन के बाद करें।
यदि हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या हाल ही में सर्जरी हुई हो, तो अभ्यास शुरू करने से पहले चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से सलाह लें।
किसी भी आसन में दर्द या असहजता हो तो तुरंत रुकें।
नियमितता बनाए रखें; अनियमित अभ्यास से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार, तनाव प्रबंधन और रोजाना 20–30 मिनट योग का संयोजन हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।