- मिर्जापुर में पैर में गोली लगने के बाद बदमाशों ने किया सरेंडर
- बिलासपुर से सोना और नकदी लूटकर फरार हुआ था गैंग
- चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल, 10 टीमों ने अलग-अलग एंगल से की जांच
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी से 3.35 करोड़ रुपए की लूट कर फरार हुए आरोपियों को उत्तरप्रदेश पुलिस ने मिर्जापुर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद गिरोह ने आत्मसमर्पण कर दिया। पूरे घटनाक्रम का खुलासा गुरुवार को किया जाएगा।
बिलासपुर। बिलासपुर में हुई बहुचर्चित 3.35 करोड़ की सराफा लूट के आरोपियों तक आखिरकार पुलिस पहुंच गई। लूट के बाद राज्य से फरार हुए बदमाशों को उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस ने घेर लिया। बताया जा रहा है कि संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया तो आरोपियों ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ के बाद गिरोह ने सरेंडर कर दिया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस गुरुवार को प्रेसवार्ता में पूरे मामले का खुलासा करेगी। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा और बिलासपुर पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी।
वारदात के बाद अलर्ट हुई थी पुलिस
सरकंडा के राजकिशोर नगर निवासी सराफा कारोबारी संतोष तिवारी के साथ मंगलवार रात लूट की घटना हुई थी। घटना के बाद पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। आईजी रामगोपाल गर्ग ने मौके पर पहुंचकर जांच की निगरानी की और टीमों को आवश्यक निर्देश दिए।

आउटर में मिली लूटी गई कार
जांच के दौरान पुलिस को कारोबारी की लूटी गई कार शहर के आउटर इलाके ग्राम उरतुम के पास मिली। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई।
पुलिस को पता चला कि वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और कार दोनों चोरी की थीं। बाइक अंबिकापुर में पदस्थ नगर सैनिक राकेश चौबे के नाम पर दर्ज थी, जिसे 13 फरवरी को मैनपाट से चुराया गया था। वहीं, सफेद इको वैन अकलतरा थाना क्षेत्र से वारदात के एक दिन पहले चोरी की गई थी।
10 टीमों ने संभाला मोर्चा
मामले की जांच के लिए 10 टीमें गठित की गई थीं। तीन टीमें तकनीकी इनपुट के आधार पर यूपी, बिहार और झारखंड रूट पर सक्रिय रहीं। एक टीम होटल और लॉज में संदिग्धों की तलाश में जुटी, जबकि अन्य टीमों ने टॉवर डंप, सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच में यह भी सामने आया कि लुटेरे स्कॉर्पियो वाहन से कारोबारी का पीछा कर रहे थे। वाहन की पहचान होते ही पुलिस ने उस दिशा में फोकस किया।
पुराने गैंग से जुड़े तार
जांच के दौरान पुलिस को सरकंडा में होटल कारोबारी लखन लाल देवांगन उर्फ निटी से लूट के प्रयास वाले मामले से समानता मिली। उस प्रकरण में मध्यप्रदेश के अनूपपुर से गगनदीप बंसल को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसके साथी विजय लाम्बा, आमीर और शकील फरार हैं। दोनों मामलों के तार जुड़ने के बाद पुलिस ने उत्तरप्रदेश पुलिस से समन्वय किया।
यूपी पुलिस को दिया तकनीकी इनपुट
बिलासपुर पुलिस ने तकनीकी लोकेशन और अन्य इनपुट साझा कर उत्तरप्रदेश पुलिस और एटीएस से मदद मांगी। मिर्जापुर पुलिस ने संदिग्ध वाहन का पीछा किया और घेराबंदी के दौरान मुठभेड़ हुई।
लूट का माल बरामदगी पर सस्पेंस
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आरोपियों से कितना सोना और नकदी बरामद हुई है। प्रेसवार्ता में इस पर स्थिति साफ होने की संभावना है।
कारोबारियों से जल्द मुलाकात का आश्वासन
घटना के बाद सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी आईजी से मिलने पहुंचे। आईजी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विस्तृत चर्चा का भरोसा दिलाया। वहीं एसएसपी ने भी जल्द सफलता का आश्वासन दिया था, जो अब साकार होता दिख रहा है।