अंतिम सूची में कुल मतदाता 12.35 लाख; वैशाली नगर और भिलाई नगर में सर्वाधिक बढ़ोतरी
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद दुर्ग जिले की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। चार माह तक चले घर-घर सत्यापन और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद 2.49 लाख नाम हटाए गए, जबकि 31,786 नए मतदाता जोड़े गए। अब जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 12,35,230 हो गई है।
दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले में मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण पूरा हो गया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजनीतिक दलों को अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां सौंपी गईं। 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए तैयार की गई सूची के अनुसार जिले में अब कुल 12,35,230 मतदाता पंजीकृत हैं। एसआईआर से पहले यह संख्या 14,52,509 थी। घर-घर सत्यापन के दौरान मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरे पंजीकरण वाले 2,49,065 नाम हटाए गए। इसके बाद 31,786 नए मतदाता जोड़े गए।
घर-घर सत्यापन से बदली तस्वीर
अभियान के दौरान 1,520 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए और 14.52 लाख मतदाताओं का मिलान किया। 12 लाख से अधिक प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद 2.80% की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई। दावे और आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक प्राप्त हुईं, जिनका निराकरण 14 फरवरी तक किया गया।
विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति
छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 11,35,061 मतदाता दर्ज किए गए।
- पाटन – 2,05,556
- दुर्ग ग्रामीण – 1,95,368
- दुर्ग शहर – 1,93,311
- भिलाई नगर – 1,27,023
- वैशाली नगर – 2,09,545
- अहिवारा – 2,04,258
सबसे अधिक वृद्धि भिलाई नगर (4.94%) और वैशाली नगर (4.31%) में दर्ज की गई। वैशाली नगर में 8 हजार से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं।
बड़ी टीम ने निभाई जिम्मेदारी
अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए 6 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), 164 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), 1742 बीएलओ और 3030 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए गए थे।
ऐसे जांचें अपना नाम
मतदाता जिला प्रशासन की वेबसाइट, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ की वेबसाइट, वोटर पोर्टल, ECINET ऐप या संबंधित बीएलओ से संपर्क कर अपना नाम जांच सकते हैं। नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 के जरिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है। प्रशासन ने 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से आगामी संशोधन में अपना नाम अवश्य दर्ज कराने की अपील की है।