बंद कमरों और भीड़भाड़ में बढ़ता खतरा; छींक-खांसी, सतह और हवा के जरिए तेजी से फैलता संक्रमण
मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। अक्सर दफ्तर, स्कूल या घर में किसी एक व्यक्ति को हुई खांसी-छींक कुछ ही दिनों में पूरे परिवार या सहकर्मियों तक पहुंच जाती है। इसकी वजह है इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस, जो हवा और संपर्क दोनों से तेजी से फैलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी बरतकर संक्रमण से काफी हद तक बचाव संभव है।
अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति लगातार छींक रहा है या खांस रहा है, तो सतर्क हो जाइए। फ्लू का वायरस बेहद संक्रामक होता है और 1 से 3 दिन के भीतर लक्षण दिखा सकता है। दिल्ली स्थित श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के इंटरनल मेडिसिन एवं इंफेक्शियस डिजीज विशेषज्ञ डॉ. अंकित बंसल के अनुसार, फ्लू का संक्रमण मुख्य रूप से सांस के जरिए फैलता है, लेकिन इसके कई अन्य रास्ते भी हैं।
7 तरीकों से फैलता है फ्लू वायरस
- छींक और खांसी से निकली बूंदें (ड्रॉपलेट्स) – संक्रमित व्यक्ति के मुंह से निकली बूंदें आसपास के लोगों तक पहुंचती हैं।
- एरोसोल कणों के जरिए – सूक्ष्म कण हवा में कुछ समय तक तैरते रहते हैं, खासकर बंद कमरों में।
- सीधे संपर्क से – हाथ मिलाने या नजदीकी संपर्क से वायरस ट्रांसफर हो सकता है।
- संक्रमित सतह छूने से – दरवाजे के हैंडल, मोबाइल, कीबोर्ड या टेबल पर वायरस कई घंटों तक सक्रिय रह सकता है।
- आंख, नाक या मुंह छूने से – बिना हाथ धोए चेहरा छूने पर वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।
- भीड़भाड़ वाली जगहों में – बस, मेट्रो, ऑफिस या स्कूल में संक्रमण तेजी से फैलता है।
- कम हवादार स्थानों में – बंद कमरों में वायरस ज्यादा देर तक सक्रिय रह सकता है।
क्यों अगले दिन ही दिखने लगते हैं लक्षण?
फ्लू वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड सामान्यतः 1–3 दिन होता है। यानी संक्रमण के बाद कुछ ही समय में गले में खराश, सिरदर्द, बुखार, नाक बहना या बदन दर्द जैसे लक्षण उभर सकते हैं।
फ्लू से बचने के लिए अपनाएं ये 9 सावधानियां
- बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं।
- भीड़भाड़ और बंद जगहों में मास्क का इस्तेमाल करें।
- खांसते-छींकते समय रूमाल या कोहनी का उपयोग करें।
- संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें।
- आंख, नाक और मुंह को बिना हाथ धोए न छुएं।
- मोबाइल, लैपटॉप और दरवाजे के हैंडल जैसी सतहों की नियमित सफाई करें।
- पर्याप्त नींद और संतुलित आहार लें, ताकि इम्यूनिटी मजबूत रहे।
- लक्षण दिखने पर घर पर आराम करें और दूसरों से दूरी रखें।
- डॉक्टर की सलाह से फ्लू वैक्सीन लगवाने पर विचार करें।