ब्लैंक चेक और दस्तावेज लेकर किया गबन, तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की रकम; पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
रायपुर के सिलतरा इलाके में बैंक पर भरोसा करना एक दंपती को भारी पड़ गया। फिक्स डिपॉजिट कराने का झांसा देकर बैंक कर्मचारी ने पति-पत्नी के खातों से करीब 40 लाख रुपए निकाल लिए। ब्लैंक चेक और दस्तावेज लेकर आरोपी ने रकम अपने और साथियों के खातों में ट्रांसफर कर दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर। रायपुर के धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा स्थित आईडीबीआई बैंक की बरौदा शाखा में एक बैंककर्मी द्वारा बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कराने के नाम पर आरोपी ने एक दंपती के खाते से 40 लाख रुपए हड़प लिए।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित दंपती नरेंद्र कुमार वर्मा और मनीषा वर्मा ग्राम सिलतरा के निवासी हैं। दोनों का खाता आईडीबीआई बैंक की बरौदा शाखा में है, जिसमें 20-20 लाख रुपए जमा थे। नरेंद्र कुमार वर्मा एफडी कराने के उद्देश्य से बैंक पहुंचे थे, जहां उनकी पहचान बैंक कर्मचारी राजा खुटे से थी।
बताया जा रहा है कि राजा खुटे ने एफडी की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिलाकर नरेंद्र से आधार कार्ड, पैन कार्ड की कॉपी और दो ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करवाकर अपने पास रख लिए। भरोसा कायम रखने के लिए आरोपी ने उन्हें एफडी की पावती भी दे दी।
इसके बाद जून 2023 से नवंबर 2025 के बीच आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपए निकाल लिए। ब्लैंक चेक का उपयोग कर रकम को विकास राव गोडकी, शैलेन्द्री और खुद अपने खाते में ट्रांसफर कर दिया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब 2 मार्च 2026 को दंपती को पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने एफडी तुड़वाने के लिए आरोपी से संपर्क किया। आरोपी ने गोलमोल जवाब देते हुए पैसे नहीं होने की बात कही। शक होने पर जब पीड़ित दंपती बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
इसके बाद दंपती ने धरसींवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी राजा खुटे समेत विकास राव गोडकी और शैलेन्द्री के नाग के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।