नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों से संवाद, बोले—डबल इंजन सरकार से बदली तस्वीर
विदेशी अधिकारियों ने भी कहा—‘अद्भुत और यादगार है छत्तीसगढ़’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती पर काबू पाकर छत्तीसगढ़ अब तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों को इसका श्रेय देते हुए कहा कि प्रदेश में शांति और निवेश दोनों का माहौल मजबूत हुआ है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़, जो प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है, अब नक्सलवाद की बाधा से काफी हद तक मुक्त होकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य और सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें शाल और स्मृति चिन्ह भेंट किए।
उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है और यहां खनिज संसाधनों का विशाल भंडार मौजूद है। ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ वर्तमान में बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य है, जहां करीब 30 हजार मेगावाट उत्पादन हो रहा है। साथ ही, हाल के वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे भविष्य में उत्पादन क्षमता और बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सल समस्या अब समाप्ति की ओर है। इससे प्रदेश में विकास की गति और तेज होगी।
कृषि क्षेत्र की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है और किसानों के हित में प्रभावी खरीदी नीति लागू है। राज्य में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने ‘महतारी वंदन योजना’ का उल्लेख किया और बताया कि इसके तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए भी वार्षिक आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।
इस दौरान अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास को समृद्ध अनुभव बताते हुए राज्य की भौगोलिक विविधता, प्रशासनिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्पष्ट नेतृत्व और मजबूत नीतियों के कारण सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
विदेशी अधिकारियों ने की सराहना
अध्ययन दल में शामिल विदेशी सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ को “अद्भुत और यादगार” बताया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की।
अधिकारियों ने अपने प्रवास के दौरान नया रायपुर, कांकेर, बस्तर और भिलाई जैसे क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जंगल वारफेयर कॉलेज, कृषि संस्थानों, भिलाई स्टील प्लांट और पुलिस व्यवस्था का भी अवलोकन किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की खास बातें
नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत इस वर्ष 66वें बैच के अधिकारी अध्ययन भ्रमण पर हैं। आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए 15 अधिकारियों का दल छत्तीसगढ़ पहुंचा, जिसमें विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।