बीजापुर में सबसे बड़ी कार्रवाई, सोना-नकदी सहित भारी मात्रा में हथियार जब्त; दंतेवाड़ा को नक्सल मुक्त बताने का दावा
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर समेत चार जिलों में कुल 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, वहीं भारी मात्रा में नकदी, सोना और हथियार बरामद किए गए हैं।
नक्सल उन्मूलन के लिए तय समयसीमा के अंतिम दिन सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीजापुर में अब तक का सबसे बड़ा नक्सली डंप बरामद किया है। यहां 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करते हुए हथियार डाले, जिनसे मिली जानकारी के आधार पर करीब 14 करोड़ रुपए का डंप पकड़ा गया। इसमें करोड़ों की नकदी और बड़ी मात्रा में सोना शामिल है।
इसके साथ ही दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जिलों में भी नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। दंतेवाड़ा में 5, सुकमा में 2 और कांकेर में 2 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सुकमा में आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सलियों ने भी नकदी और हथियार सौंपे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे भी अभियान तेज किया जाएगा। दंतेवाड़ा को नक्सलवाद से मुक्त घोषित करने का दावा किया गया है, हालांकि अन्य जिलों में अभी भी कुछ सक्रिय नक्सलियों की मौजूदगी बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों और पुनर्वास योजनाओं के चलते नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है और वे मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं।