नक्सलवाद पर केंद्र सरकार की रणनीति का जिक्र, बस्तर में विकास पहुंचने का किया दावा
लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की सख्त नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बस्तर सहित रेड कॉरिडोर में हुए बदलाव को केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
नई दिल्ली (ए)। लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए स्पष्ट कहा कि देश में हिंसा और हथियार उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीति स्पष्ट है—विकास और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
गृह मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत रेड कॉरिडोर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने बताया कि एक समय 12 राज्यों में फैले इस क्षेत्र में नक्सलवाद का गहरा प्रभाव था, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद लगभग समाप्ति की ओर है और अब वहां विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में स्कूल और राशन दुकानों की स्थापना जैसे प्रयासों ने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक शासन करने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों का समुचित विकास नहीं हो सका। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों में मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं पहुंच पाईं।
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से देश के गरीबों को आवास, गैस कनेक्शन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभाव के कारण पहले ये योजनाएं बस्तर जैसे क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाती थीं।
अमित शाह ने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और नक्सलवाद की छाया हटने के साथ विकास कार्यों ने गति पकड़ ली है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाना और हर क्षेत्र तक विकास पहुंचाना है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने विपक्ष से आत्ममंथन करने की बात कहते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के पिछड़ेपन के लिए पूर्ववर्ती नीतियां भी जिम्मेदार रही हैं।