रक्षा मंत्री ने नेतृत्व में बदलाव किए, वहीं राष्ट्रपति ने मजाकिया अंदाज में उपराष्ट्रपति पर डाली जिम्मेदारी; होर्मुज मुद्दे पर UNSC में वोटिंग टली
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाने का निर्णय लिया है। इसी दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर दिया गया बयान भी सुर्खियों में आ गया है।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन (ए)। मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने सैन्य नेतृत्व में बड़ा फेरबदल किया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाने का फैसला लिया है। इस कदम को मौजूदा हालात में रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हटाए गए अधिकारियों में आर्मी के ट्रेनिंग एवं ट्रांसफॉर्मेशन कमांड के प्रमुख जनरल डेविड होडने और चैपलिन कॉर्प्स के प्रमुख जनरल विलियम ग्रीन जूनियर भी शामिल हैं। हालांकि इस फैसले के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। व्हाइट हाउस में आयोजित ईस्टर लंच के दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यदि समझौता नहीं हो पाया तो इसकी जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस पर होगी, जबकि सफलता मिलने पर वह इसका श्रेय स्वयं लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग को फिलहाल टाल दिया गया है। अब इस पर निर्णय शनिवार को लिया जाएगा।
बहरीन द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में सदस्य देशों को जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने की अनुमति देने की बात कही गई है। बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार को प्रभावित होने से बचाना और इस अहम समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की बाधा को रोकना है। मध्य-पूर्व की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कदमों पर दुनिया की नजर बनी हुई है।