रेस्क्यू ऑपरेशन का खुलासा, हजारों हमलों का दावा; पायलट की जानकारी लीक होने से मिशन हुआ जटिल
ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए सैन्य ताकत का खुला प्रदर्शन किया है। उन्होंने जहां ईरान को एक रात में खत्म करने की चेतावनी दी, वहीं गोपनीय जानकारी लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात भी कही।
तेल अवीव/तेहरान (ए)। ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका चाहे तो ईरान को एक ही रात में पूरी तरह तबाह कर सकता है। ट्रम्प के अनुसार, अमेरिकी सेना के पास ऐसी रणनीति तैयार है, जिसके तहत कुछ ही घंटों में ईरान के बुनियादी ढांचे को नष्ट किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो यह कार्रवाई तत्काल भी की जा सकती है। ट्रम्प ने यह भी जोड़ा कि मौजूदा युद्ध अमेरिका की रणनीति के अनुसार आगे बढ़ रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए बड़े सैन्य अभियान का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में सैकड़ों सैन्य विमानों का इस्तेमाल किया गया और दुश्मन को भ्रमित करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई।
ट्रम्प के मुताबिक, एक पायलट से जुड़ी गोपनीय जानकारी मीडिया में लीक होने के कारण रेस्क्यू मिशन और अधिक जोखिम भरा हो गया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस लीक के जिम्मेदार व्यक्ति की तलाश की जा रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित मीडिया संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें
ईरान को सीधी चेतावनी: अमेरिका के पास क्षमता है कि वह एक रात में पूरे ईरान को तबाह कर सकता है
विशाल रेस्क्यू ऑपरेशन: फंसे सैनिक को निकालने के लिए 150 से अधिक विमानों की तैनाती
हमलों का दावा: 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले और हजारों लड़ाकू उड़ानें
लीक पर सख्ती: गोपनीय जानकारी साझा करने वाले व्यक्ति और मीडिया पर कार्रवाई के संकेत
विमान गिरने की पुष्टि: F-15 Eagle fighter jet के गिरने को ‘लकी हिट’ बताया
रेस्क्यू ऑपरेशन: जोखिम और रणनीति
ट्रम्प ने इस मिशन को हाल के वर्षों का सबसे जोखिम भरा अभियान बताया। उन्होंने कहा कि दो पायलटों को बचाने के लिए अलग-अलग ऑपरेशन चलाए गए, जिनमें फाइटर जेट, बॉम्बर और टैंकर विमानों की बड़ी संख्या शामिल थी।
दुश्मन को भ्रमित करने के लिए डिकॉय रणनीति अपनाई गई, जिसमें कई विमानों को अलग-अलग दिशाओं में भेजा गया। ट्रम्प के अनुसार, इससे ईरान को वास्तविक ऑपरेशन का अंदाजा नहीं लग सका।
घायल पायलट की बहादुरी का जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने एक घायल पायलट की साहसिक कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब लड़ाकू विमान गिराया गया, तब पायलट ने पैराशूट से उतरकर गंभीर चोटों के बावजूद खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश जारी रखी।
कठिन पहाड़ी इलाके में घायल होने के बावजूद वह लगातार आगे बढ़ता रहा, ताकि दुश्मन के कब्जे में आने से बच सके।