फर्जी ड्रग लाइसेंस के जरिए ई-कुरियर से मंगाते थे कोडीन सिरप; 800 बोतल, वाहन और लाखों का माल जब्त
भिलाई में प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की अवैध तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नशीली सिरप और अन्य सामग्री जब्त की गई।
भिलाई। शहर में नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई पर बड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की तस्करी कर रहा था। चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को 23 अप्रैल को सूचना मिली थी कि ग्राम जुनवानी-खम्हरिया रोड के पास कुछ लोग नशीली सिरप की खेप लेकर जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल घेराबंदी कर एक सेण्ट्रो कार को रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन से 7 कार्टून में पैक 800 नग कोडीन युक्त ‘CADIFOS-T’ सिरप बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर गुजरात की कंपनियों से इंडिया मार्ट और ई-कुरियर के माध्यम से यह सिरप मंगवाते थे। मुख्य आरोपी ने एक असली लाइसेंस में छेड़छाड़ कर अपने नाम से नकली लाइसेंस तैयार कराया था और उसी के आधार पर अवैध सप्लाई का नेटवर्क खड़ा किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह युवाओं को अधिक कीमत पर यह नशीली सिरप बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था, जिससे नशे की लत फैल रही थी। मामले में महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 800 बोतल नशीली सिरप, एक कार, एक दोपहिया वाहन, चार मोबाइल फोन और नकदी समेत करीब 5 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।
सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।