79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने 2047 के विकसित भारत का रखा रोडमैप
नई दिल्ली। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर निर्माण और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में देश की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए विकसित भारत-2047 का व्यापक विजन प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सीमित सोच के साथ आगे बढ़ने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेज गति से बढ़ता राष्ट्र है।
मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और वैश्विक परिस्थितियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपना सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित कर तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। साथ ही वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया गया है।
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत का रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है, जिससे देश की सुरक्षा क्षमता के साथ-साथ रक्षा निर्यात को भी नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि भारत अब छोटे सपनों से नहीं, बल्कि बड़े लक्ष्यों और बड़े संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया में ऊर्जा संसाधनों को लेकर प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक तनाव बढ़े हैं, यहां तक कि पेट्रोल-डीजल का भी रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया। ऐसे दौर में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प देश को नई शक्ति और स्थिरता प्रदान करेगा। उन्होंने नागरिकों से विकसित, आत्मविश्वासी और सक्षम भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।