तेज आंधी में 300 मीटर दूर पलटा क्रूज, 28 लोगों को बचाया गया; मां और 4 साल के बेटे का हृदयविदारक दृश्य झकझोर गया
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का क्रूज तेज आंधी और खराब मौसम की चपेट में आकर डूब गया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद प्रशासन, SDRF, सेना और विशेष बचाव दल राहत कार्य में जुटे हैं।
जबलपुर (ए)। जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक तेज आंधी के बीच अनियंत्रित होकर पानी में समा गया। हादसा डैम के किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। क्रूज में 43 से 47 पर्यटकों के सवार होने की आशंका है, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की कटी थी। प्रशासन के अनुसार अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। राहत दलों का कहना है कि कई लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश शुक्रवार सुबह फिर शुरू की गई।

मां-बेटे की मौत ने सभी को रुलाया
हादसे में दिल्ली से घूमने आए परिवार की महिला मरिना मैसी और उनके 4 वर्षीय बेटे त्रिशान की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने जब दोनों के शव निकाले तो मां ने बच्चे को लाइफ जैकेट के भीतर सीने से कसकर लगाया हुआ था। यह दृश्य देखकर बचाव दल की आंखें भी नम हो गईं।
बताया गया कि परिवार के मुखिया प्रदीप मैसी और उनकी बेटी सिया किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे।
सेना और विशेष टीमें मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सेना, SDRF और अन्य विशेष एजेंसियों को मौके पर बुलाया है। हैदराबाद से हेलिकॉप्टर सहित विशेष टीम भेजी गई है, जबकि कोलकाता से पैरामिलिट्री दल भी पहुंच चुका है। 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक मशीन और पोकलेन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पायलट ने बताई हादसे की वजह
क्रूज चालक महेश ने बताया कि सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन तेज तूफान इतनी अचानक आया कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते क्रूज नियंत्रण से बाहर हो गया।
मंत्री का बयान भी चर्चा में
प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे, लेकिन उन्होंने कहा कि नर्मदा में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली बोट पर रोक है और उन्हें इस क्रूज संचालन की जानकारी नहीं थी। उनके बयान के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।