भाजपा-TMC आमने-सामने, संदेशखाली में 5 जवान घायल; कोलकाता में तृणमूल दफ्तर पर बुलडोजर
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा भड़क उठी है। अलग-अलग जिलों में झड़प, गोलीबारी और हत्या की घटनाओं ने हालात तनावपूर्ण बना दिए हैं। सुरक्षाबलों पर हमला और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है।
कोलकाता (ए)। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद हिंसा का दौर शुरू हो गया है। नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में मंगलवार रात गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया। इस दौरान फायरिंग की गई, जिसमें पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
घायलों में नाजाट थाने के प्रभारी, एक कांस्टेबल, एक महिला पुलिसकर्मी और केंद्रीय बलों के दो जवान शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
इधर, राज्य में बीते 24 घंटों के भीतर चार राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है। भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे पर अपने-अपने कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप लगाया है।

भाजपा का कहना है कि उत्तर 24 परगना के न्यू टाउन और हावड़ा के उदय नारायणपुर में उसके दो कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता के बेलेघाटा और बीरभूम के नानूर में अपने दो समर्थकों की हत्या का आरोप भाजपा पर लगाया है।
कोलकाता में बुलडोजर एक्शन, दफ्तर ढहाया
राजधानी कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में भी तनाव देखने को मिला, जहां भाजपा समर्थकों की भीड़ ने कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर चलवा दिया। इस दौरान आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ की गई। तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो साझा करते हुए भाजपा पर हमला बोला और इसे “बुलडोजर राजनीति” करार दिया।
दक्षिण में भी सियासी हलचल तेज
इधर, तमिलनाडु की राजनीति में भी तेजी से घटनाक्रम बदल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का फैसला किया है। 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से अभी दूर है।
सरकार गठन के लिए जरूरी संख्या जुटाने के प्रयास में TVK ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को महाबलीपुरम के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। कांग्रेस समेत अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा और दक्षिण भारत में राजनीतिक जोड़तोड़ के बीच देश की सियासत एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है।