भिलाई में म्यूल अकाउंट गिरोह का खुलासा, क्रिकेट सट्टे और साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होते थे खाते
पासबुक और दस्तावेज लेकर बेचते थे बैंक खाते, पुलिस ने दबोचे दो युवक
लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को बना रहे थे ठगी का जरिया
भिलाई के छावनी इलाके में लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते और दस्तावेज इकट्ठा कर साइबर फ्रॉड तथा क्रिकेट सट्टे में इस्तेमाल करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी भोले-भाले लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
दुर्ग-भिलाई। साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए छावनी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को जल्दी लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और जरूरी दस्तावेज हासिल करते थे, फिर इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और क्रिकेट सट्टे के लेनदेन में किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश जायसवाल निवासी शारदा पारा कैंप-02 भिलाई तथा जावेद अख्तर निवासी मदर टेरेसा नगर कैंप-01 भिलाई के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से बैंक दस्तावेज, पासबुक और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना छावनी क्षेत्र के बैकुंठ धाम आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में कुछ लोग लोन उपलब्ध कराने के नाम पर आसपास के लोगों से बैंक खाते और दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं। जांच में पता चला कि इन खातों का इस्तेमाल ‘म्यूल अकाउंट’ के तौर पर किया जा रहा था। ऐसे खातों के जरिए साइबर ठगी से हासिल रकम को ट्रांसफर किया जाता है, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने 16 मई को दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लोगों को आसान लोन दिलाने का भरोसा देकर उनके बैंक खाते और पासबुक ले लेते थे। बाद में इन खातों को मोटी रकम लेकर अन्य लोगों को उपलब्ध कराया जाता था।
पुलिस के अनुसार इन बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे और साइबर फ्रॉड के पैसों के लेनदेन में किया जा रहा था। जांच के दौरान कई बैंक खातों और पासबुक से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।