शिफ्ट में होगी नमाज, नियम तोड़ने वालों पर 50 हजार तक जुर्माना; कानून व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखने प्रशासन अलर्ट
ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर छत्तीसगढ़ में प्रशासन और वक्फ बोर्ड ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी, तेज आवाज में डीजे बजाने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नमाज शिफ्ट में अदा कराई जाएगी।
रायपुर। बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए छत्तीसगढ़ में प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, स्वच्छता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से राज्यभर में विशेष गाइडलाइन लागू की गई है। वक्फ बोर्ड ने साफ किया है कि खुले स्थानों पर कुर्बानी और निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी।
जारी निर्देशों के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस अथवा निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
त्योहार के दौरान धार्मिक आयोजनों में तेज आवाज वाले डीजे और साउंड सिस्टम पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें विभिन्न इलाकों में लगातार निगरानी रखेंगी।
ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। राज्य की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक अलग-अलग शिफ्ट में नमाज अदा कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में आसानी होगी।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि पिछले वर्ष से ही शिफ्ट में नमाज की व्यवस्था लागू है और वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज अदा नहीं की जा रही है और सभी धार्मिक आयोजन निर्धारित नियमों के तहत ही संपन्न होंगे।