रायपुर संभाग में 82 इकाइयों पर उत्पादन बंद या बिजली विच्छेदन की कार्रवाई, सिंगल-यूज प्लास्टिक और फ्लाई ऐश डंपिंग पर भी कसा शिकंजा
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए रायपुर क्षेत्र के 94 उद्योगों को नोटिस जारी किया है। जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच की गई कार्रवाई में 82 उद्योगों के संचालन पर रोक अथवा विद्युत आपूर्ति विच्छेदित करने के निर्देश दिए गए, जबकि विभिन्न मामलों में कुल 3 करोड़ 3 लाख रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है।
रायपुर। प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया है। मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा जल एवं वायु प्रदूषणकारी इकाइयों का औचक निरीक्षण कर पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के तहत की गई है।
रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में संचालित उद्योगों की निगरानी के दौरान जनवरी 2025 से मई 2026 तक कुल 94 प्रदूषणकारी उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें से 82 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद कराने अथवा विद्युत कनेक्शन विच्छेदित करने के निर्देश जारी किए गए।
मंडल की रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में 96 उद्योगों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार 125 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं बिना तारपोलिन ढंके कच्चे माल, उत्पाद और ठोस अपशिष्टों के परिवहन के मामलों में 136 उद्योगों एवं संस्थानों से 51 लाख 2 हजार 323 रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने के आदेश दिए गए। इसके अलावा फ्लाई ऐश के अनधिकृत परिवहन और डंपिंग के दो मामलों में संबंधित उद्योगों पर 12 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई।
सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 तथा छत्तीसगढ़ प्लास्टिक एवं अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री नियम, 2023 के तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक को प्रभावी बनाने के लिए भी कार्रवाई तेज की गई है।
जनवरी 2025 से मई 2026 के दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए उस पर 87 हजार 500 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई तथा न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया। एक अन्य उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उत्पादन बंद कराया गया। इसके अतिरिक्त दो अन्य इकाइयों के विरुद्ध भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई।
वायु गुणवत्ता में दिखा सुधार
रायपुर शहर की वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए चार स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड सहित कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) तथा छह स्थानों पर राष्ट्रीय परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (NAMP) के स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं।
मंडल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में रायपुर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 65.38 था, जो वर्ष 2025 में घटकर 62.86 रह गया। इस प्रकार शहर की वायु गुणवत्ता में लगभग चार प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है। यह सुधार प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए निगरानी एवं प्रवर्तन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।