500 से अधिक पौधों का रोपण, 170 जवानों ने जनरल परेड और एसडीआरएफ प्रशिक्षण में लिया हिस्सा; सेनानी राजेश कुकरेजा ने अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन पर दिया विशेष जोर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (छसबल) भिलाई में पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और आपदा प्रबंधन को केंद्र में रखकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंत्री गजेन्द्र यादव, आईजी अभिषेक शांडिल्य और सेनानी राजेश कुकरेजा की मौजूदगी में वृक्षारोपण अभियान, जनरल परेड तथा एसडीआरएफ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भिलाई। प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (छसबल) भिलाई में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और आपदा प्रबंधन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। पूरे दिन चले इन आयोजनों में जवानों ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया, बल्कि जनरल परेड और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी पेशेवर दक्षता को भी मजबूत किया।

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं सेनानी श्री राजेश कुकरेजा के नेतृत्व में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि तथा दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों एवं अधिकारियों ने वाहिनी परिसर में नीम, पीपल, आम और बादाम सहित विभिन्न प्रजातियों के 500 से अधिक फलदार एवं छायादार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने प्रथम वाहिनी द्वारा चलाए जा रहे ‘ग्रीन कैंपस-क्लीन कैंपस’ अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान ‘पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ’ और ‘प्लास्टिक हटाओ-पर्यावरण बचाओ’ जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

इसके बाद आयोजित जनरल परेड में पाइप बैंड, रिफ्रेशर कोर्स और बैंड प्रमोशन कोर्स के जवानों सहित करीब 170 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। सेनानी श्री राजेश कुकरेजा ने परेड का निरीक्षण कर जवानों के टर्नआउट, अनुशासन और ड्रिल प्रदर्शन का जायजा लिया। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन किसी भी सुरक्षा बल की सबसे बड़ी ताकत है और प्रत्येक जवान को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए।

उन्होंने जवानों को ड्यूटी के प्रति सजग रहने, नियमित शारीरिक प्रशिक्षण अपनाने, आम नागरिकों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार रखने तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी से स्वयं को लगातार अपडेट रखने के निर्देश दिए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ही प्रथम वाहिनी में एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम द्वारा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जवानों को भूकंप, बाढ़, आगजनी, भूस्खलन एवं अन्य प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के दौरान प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार करना था।

एसडीआरएफ टीम ने जवानों को प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर, अग्निशमन उपकरणों के उपयोग, रेस्क्यू तकनीक तथा आपदा पूर्व तैयारियों की व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान मॉक ड्रिल भी कराई गई, जिसमें जवानों और कार्यालयीन स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर श्री राजेश कुकरेजा ने कहा कि आपदा कभी भी और कहीं भी आ सकती है। ऐसे में सुरक्षा बलों का प्रशिक्षित और सतर्क होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “तैयार रहना ही सबसे बड़ा बचाव है” और इसी सोच के साथ जवानों को हर परिस्थिति के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में सेनानी श्री कुकरेजा ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और एसडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर निरंतर कार्य कर प्रथम वाहिनी को और अधिक सक्षम एवं जिम्मेदार बल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और जवानों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेकर कार्यक्रम का समापन किया।